नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों का अभूतपूर्व असर हुआ है और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के दिनों में भी दूसरे देश भारत के साथ अधिकाधिक कारोबार करना चाह रहे हैं।
जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री के दौरों का अभूतपूर्व असर हुआ है। उनको सुनने के लिए स्टेडियम भरे हुए रहते हैं। श्रोताओं में चुनाव जैसा उत्साह रहता है।” पोस्ट का शीर्षक है – प्रधानमंत्री के विदेश दौरों का प्रभाव।
जेटली ने कहा कि मोदी को फैसला करने में सक्षम नेता माना जाता है, जो बदलाव और सुधार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के विकास विरोधी रवैये का उनके (मोदी) सुधार और विकास संबंधी निर्देश पर कोई असर नहीं हुआ है। उनकी दृढ़ता बरकरार है। इसका परिणाम यह हुआ है कि वैश्विक सुस्ती के विपरीत माहौल में भी भारत में तेज विकास की संभावना दिखाई दे रही है।”
उन्होंने कहा, “यह सोचने की जरूरत है कि ऐसा कैसे हुआ। ऐसा कैसे हुआ कि 16 महीने पहले की मायूसी खत्म हो गई।”
मुद्रा बैंक के बारे में जेटली ने कहा कि सरकार बख्शीश या टिप्स नहीं देना चाहती है, बल्कि देश के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।
मंत्री ने कहा, “मुद्रा बैंक अगले कुछ साल में परिदृश्य बदल देगा।”
उन्होंने कहा, “भारत सभी को नौकरी भले ही न दे पाए, लेकिन हमारी अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है कि कमजोर-से-कमजोर को भी खुद रोजगार करने में सक्षम बना सकती है।”
उन्होंने कहा, “अनुमानत: इस साल लाभार्थियों की संख्या 1.5 करोड़ तक पहुंच सकती है। साल-दर-साल यह संख्या बढ़ती जाएगी।”
जेटली ने कहा कि मुद्रा योजना कुछ साल तक चलती रहेगी।
मुद्रा लिमिटेड की स्थापना 5,000 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ सिडबी की सहायक इकाई के रूप में की गई है।
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