नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि विधि विश्वविद्यालयों में तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलावों के साथ सामंजस्य बिठाने की क्षमता होनी चाहिए और उन कानूनों की दिशा में काम करें, जो समय की कसौटी पर खरा उतरें।
यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी व्यापक स्तर पर बदलाव ला रही है और यह कानून को अप्रासंगिक कर रही है।
रेडियो का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक रेडियो सेट रखने के लिए व्यक्ति को लाइसेंस रखने की जरूरत थी, लेकिन अब मोबाइल फोन पर कोई भी शख्स पूरी दुनिया के रेडियो स्टेशनों को सुन सकता है।
मोदी ने कहा कि 15-20 वर्षो में उड़ने वाली कार आ जाएगी और इसके कारण सड़कों से संबंधित कुछ कानून अप्रासंगिक हो जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हमारे विधि विश्वविद्यालयों में उस तरह की क्षमता होनी चाहिए, जो इन सभी मुद्दों पर गौर करे और फिर उसपर काम करे।”
इस दौरान, मोदी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को ‘ज्यूडिशियल रिफॉर्म्स-रिसेंट ग्लोबल ट्रेंड्स’ नामक पुस्तक भेंट की।
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