नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बुधवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को बैंकों को कुछ मदद देने की जरूरत है ताकि वे फंसे हुए कर्जो से हुए घाटे का समाधान कर सकें। इसके लिए चाहे वह प्रावधान के संदर्भ में हो या बैंकों के बही-खातों को दुरुस्त करने की समयसीमा को 31 मार्च से बढ़ाना हो।
एसबीआई के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार खारा ने बीटीवीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “आरबीआई) को बैंकों को कुछ मदद देने की जरूरत है ताकि वे फंसे हुए कर्जो से हुए घाटे का समाधान कर सकें। इसके लिए चाहे वह प्रावधान के संदर्भ में हो या बैंकों के बही-खातों को दुरुस्त करने की समयसीमा को 31 मार्च से बढ़ाना हो। ऐसा करने पर बैंक इस समस्या का तेजी से समाधान कर पाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “विभिन्न व्यावसायिक एजेंसिया रेजोल्यूशन की प्रक्रिया में है। मैं समझता हूं कि तनावग्रस्त संपत्तियों के प्रबंधन के लिए सलाहकार सामने आएंगे। ऐसी चीजें हो रही है, लेकिन इसका नतीजा निकालने के लिए महीने भर का समय बहुत कम है।”
उन्होंने कहा सरकारी बैंकों तो सरकार ने हर हाल में समर्थन का आश्वासन दिया है।
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