फांसी पर लटक जाएंगे, मगर झुकेंगे नहीं : लालू (लीड-1)

पटना, 27 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास न कोई सोच है और न ही सिद्धांत और नीति है। उन्होंने कहा कि उन्हें डराने के लिए फर्जी मुकदमे कराए गए हैं, लेकिन वह फांसी पर लटक जाएंगे, लेकिन झुकेंगे नहीं।”

बिहार में सबसे बड़ी पार्टी को एक झटके में सत्ता से बाहर कर दिए जाने के बाद शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पटना के गांधी मैदान में बुलाई गई ‘भाजपा भगाओ-देश बचाओ’ रैली को संबोधित करते हुए लालू ने कहा, “नीतीश को पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी से जलन हो गया। नीतीश को दलितों से भी जलन है। एक बार नीतीश मेरे घर आए और कहा कि हमें आशीर्वाद दे दीजिए। इस बार भर मुख्यमंत्री बना दीजिए। हम बना दिए। जब बन गया तो पैंतरा लेने लगा।”

उन्होंने कहा कि नीतीश को तेजस्वी यादव से खतरा था, क्योंकि तेजस्वी तेजी से काम कर रहे थे। लालू ने नीतीश पर पूरे परिवार को अपमानित करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली जाकर नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मिलकर सारे मामले दर्ज कराए।

लालू ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला करते हुए अपने खास अंदाज में कहा, “नरेंद्र मोदी और अमित शाह हमारे बाल-बच्चों पर केस करवा रहे हैं। मीसा पर भी केस किया, जो शादीशुदा है। ये डराने के लिए फर्जी मुकदमे कराए गए हैं। केस इसलिए किए गए कि लालू कह देगा कि मैं मोदी के साथ हूं। सुनो, लालू का ऐसा खून है कि फांसी पर लटक जाएंगे, लेकिन झुकेंगे नहीं।”

लालू ने नीतीश पर राष्ट्रपति चुनाव में भी ‘बिहार की बेटी’ का साथ नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज अगर नीतीश कुमार साथ दिए होते तो बिहार की बेटी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमारा देश की राष्ट्रपति होतीं।

उन्होंने बिहार में बाढ़ की चर्चा करते हुए कहा कि यह बाढ़ आई नहीं, लाई गई है। बाढ़ के नाम पर अब सरकारी राशि की बंदरबांट की जाएगी।

लालू ने कहा कि भाजपा को देश से उखाड़ फेंकने की लड़ाई अब शुरू हो गई है और अब यह अनवरत जारी रहेगी।

लालू ने कहा, “गरीबों ने मेरा चेहरा देखकर महागठबंधन को वोट किया और अब नीतीश बदल गए। मैं सिद्धांत का पक्का हूं। दिल के आपरेशन के बावजूद मैंने बिहार चुनाव के एक-एक दिन में 10-10 दौरे किए।”

उन्होंने सृजन घोटाले की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें जद (यू) और भाजपा के भी कई नेता शामिल हैं। यह घोटाला सुशील मोदी की देखरेख में हुआ, वहां से चुनाव के लिए फंड आता था। इस घोटाले के सबूत मिटाए जा रहे हैं और मध्यप्रदेश के चर्चित व्यापमं घोटाले के तरह रहस्यमय ढंग से मौतें होने लगी हैं, अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। नीतीश और सुशील मोदी इस्तीफा दें, क्योंकि उनके पद पर रहते निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती।

उन्होंने शराबबंदी को लेकर भी नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी छवि चमकाने के लिए नीतीश ने शराबबंदी लागू कर दी, लेकिन आज हालत यह है कि बिहार में धड़ल्ले से शराब बिक रही है, होम डिलीवरी हो रही है।

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