कोलकाता, 23 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के जादवपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के एक समूह ने मंगलवार को मशाल जुलूस निकालकर ‘शिक्षण संस्थानों में फासीवादी विस्तार के खिलाफ लोकतंत्र को मजबूत करने’ की आवाज उठाई। जुलूस जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की घटनाओं के संदर्भ में निकाला गया।
विद्यार्थियों के इस समूह ने कहा कि वे किसी भी संगठन से संबद्ध नहीं हैं। उन्होंने जुलूस में छात्रों से एकजुट रहने की अपील की।
विद्यार्थी नारे लगा रहे थे- ‘ये मशालें आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) को दुम दबाकर भागने पर कर दगी मजबूर’।
एक छात्रनेता ने कहा कि परिसर में लोकतंत्र के मुद्दे पर और बात होनी चाहिए।
जादवपुर विश्वविद्यालय बीते हफ्ते विवादों के केंद्र में रहा था। यहां संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के पक्ष में नारे सुनाई दिए थे। कश्मीर, नागालैंड और मणिपुर की ‘आजादी’ के पोस्टर लगे थे। यह सब कुछ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ केंद्र सरकार के रवैये और छात्र नेता कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के विरोध के दौरान हुआ था।
विश्वविद्यालय के कुलपति सुरंजन दास ने पुलिस में शिकायत नहीं दी तो भाजपा ने उनकी आलोचना की। दास का कहना है कि विश्वविद्यालय में बहस और चर्चा की परंपरा को बचाकर रखा जाएगा।
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