फिल्मजगत में चुकानी पड़ती है ईमानदारी की कीमत : श्वेता त्रिपाठी

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्म जगत में हमेशा से ही अभिनेत्रियां अपनी उम्र को राज रखती रही हैं लेकिन ‘मसान’ फिल्म की 30 वर्षीय अदाकारा श्वेता त्रिपाठी ने कहा कि फिल्म जगत में अपनी उम्र को लेकर ईमानदार होना आपके काम पर असर डाल सकता है और उन्हें इसी ईमानदारी के कारण कई परियोजनाओं से बाहर किया गया।

श्वेता ने आईएएनएस को बताया, “मेरा जन्म 1985 में हुआ और मैं अपनी उम्र को लेकर झूठ नहीं बोलना चाहती, क्योंकि मेरा मानना है कि अगर आप इस तरह की बुनियादी चीजों के बारे में झूठ बोलने लगेंगे तब आप कहां रुकेंगे? कहां आप नियंत्रण रेखा डालेंगे? लेकिन क्या आपने ईमानदार होने के लिए कीमत चुकाई है?”

उन्होंने कहा, “निर्देशक कहते थे कि श्वेता आप तो इस किरदार के लिए एकदम ठीक हैं। मैं ऑडीशन और स्क्रीन टेस्ट देती और वह मेरे अभिनय को लेकर संतुष्ट भी हुए। मुझे लगता कि बस काम मिलने ही वाला है कि उन्होंने मेरी उम्र के बारे में पूछ लिया। जब मैंने उन्हें अपनी उम्र बताई तो उनके मुंह से बेसाख्ता ‘ओह, ओके’ निकल जाता। फिर मुझे पता चलता कि मुझे काम नहीं मिल रहा है।”

श्वेता का मानना है कि लोगों को किरदार उनके प्रदर्शन के आधार पर मिलना चाहिए। श्वेता को अब उनकी अगली फिल्म ‘हरामखोर’ में लोकप्रिय कलाकार नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ देखा जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर मैं किरदार नहीं निभा पा रही हूं तो मैं काम न मिलने की बात से संतुष्ट हूं, लेकिन उम्र की वजह से काम न मिले इससे संतुष्ट नहीं हूं।”

श्वेता ने कहा कि वह जाति को लेकर भेद-भाव करने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने फिल्म ‘मसान’ में वाराणसी की लड़की का किरदार निभाया है जो अपने से निम्न जाति के लड़के से प्यार कर बैठती है।

उन्होंने कहा कि उन्हें नकारात्मक छवि वाले किरदार करने पसंद हैं और वह प्यारी, सुंदर और नादान लड़की का किरदार करने की बजाय पर्दे पर किसी को मारना पसंद करेंगी क्योंकि यह काम वह अपने असल जीवन में नहीं कर सकती हैं।

श्वेता ने आइटम सॉन्ग के लिए साफ इनकार करते हुए कहा कि अगर किरदार नर्तकी का है तो उन्हें कोई समस्या नहीं है और यह अलग बात है, लेकिन उन्हें आइटम सॉन्ग करना पसंद नहीं।

श्वेता से जब टेलीविजन में काम करने के बारे में सवाल किया गया को उन्होंने कहा कि उन्होंने फिल्मों में कदम रखने से पहले डिज्नी के धारावाहिक ‘क्या मस्त है लाइफ’ में काम किया था, लेकिन यह उनका लक्ष्य नहीं। हालांकि अगर ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ और ‘दि न्यूज रूम’ जैसे शो भारत में बनते हैं तो वह इसका हिस्सा बनना चाहेंगी।

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