शुक्रवार रात हुए हमलों में कम से कम 127 लोगों की मौत हो गई, जो फ्रांस के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से लेकर अब तक की सबसे भीषण हिंसा है।
पैगंबर मुहम्मद का कार्टून प्रकाशित करने वाली व्यंग्य पत्रिका शार्ली हेब्दो के कार्यालय में सात जनवरी को दो बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।
बंदूकधारियों के ही साथी माने जानेवाले एक अन्य बंदूकधारी ने इस घटना के दो दिन बाद कोशर मार्केट में एक पुलिस अधिकारी व चार बंदियों की हत्या कर दी थी।
शार्ली हेब्दो पर हमला करने वाले हमलावरों का संपर्क यमन के अतिवादियों से था, जबकि कोशर मार्केट के हमलावरों का संपर्क इस्लामिक स्टेट (आईएस) से था।
वहीं, 26 जून को दो लोगों ने दक्षिण-पूर्व फ्रांस के इसेरे में अमेरिकी गैस कंपनी के एक गैस कंटेनर में अपनी कार से टक्कर मार दी, जिसके बाद एक जोरदार विस्फोट हुआ। इस घटना में कम से कम दो लोग घायल हो गए। बाद में एक सिर कटा शव मिला, जिसके बगल में आईएस का झंडा पड़ा था।
फ्रांस के गृह मंत्रालय ने बाद में घोषणा की कि हमले से जुड़े संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसका नाम यासीन साल्ही है। उसका संबंध इस्लामिक मूवमेंट से है।
वहीं 21 अगस्त को एक सशस्त्र व्यक्ति ने एम्सटर्डम व पेरिस के बीच एक हाईस्पीड ट्रेन के मुसाफिरों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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