फ्लू फैलने से रोकें, डॉक्टर के पास न जाएं

नई दिल्ली, 3 दिसम्बर (आईएएनएस)। दुनियाभर में जहां भी सर्दियों का मौसम आता है वहां पर फ्लू फैलता है क्योंकि एनफ्लुएंजा वायरस ठंडे और खुश्क मौसम में पनपता है। इसके साथ ही सर्द मौसम और नमी की कमी से एनफ्लुएंजा वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक ज्यादा तेजी से फैलता है।

सर्दियों में भारत का हर तीसरा व्यक्ति बुखार, जुकाम और खांसी से पीड़ित होता है। हर रोज डॉक्टरों के पास आने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो जाती है। जितनी तेजी से फ्लू फैलता है उसके मद्दनेजर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सलाह देता है कि हल्के फ्लू से पीड़ित लोग डॉक्टर के पास जाने की बजाए लाइब्रेट जैसी टेलिमेडिसन सुविधा का लाभ उठाएं। अगर पीड़ित लोग खुद डॉक्टर के पास न जाकर यह रास्ता अपनाएं तो बीमारी के फैलने की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

जैसे कि हम सब जानते हैं कि फ्लू हर साल अपना रंग दिखाता है, इसकी वजह इसके कारणों, खतरों, लक्षणों और इलाज के बारे में जागरूकता की कमी है। स्वाइन फ्लू जैसे नई किस्म के फ्लू फैलने से दहशत का माहौल और भी बढ़ रहा है। जिस वजह से भारी संख्या में लोग अस्तपाल पहुंच जाते हैं बिना यह समझे कि वह खुद भी बीमारी को आगे फैला सकते हैं और खुद भी किसी गंभीर वायरस की चपेट में आ सकते हैं।

इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए आईएमए के महासचिव डॉ के.के. अग्रवाल ने कहा, “यह जागरूकता फैलाई जानी बेहद आवश्यक है कि फ्लू क्या होता है और इसे कैसे रोका व बचा जा सकता है। अगर बुखार ना हो तो इतका अर्थ है फ्लू नहीं है। फ्लू से पीड़ित व्यक्ति को खांसी, जुकाम और बुखार रहता है। बिना बुखार के खांसी जुकाम एलर्जी हो सकते हैं, जिनका इलाज एंटीहिस्टामाइन्स से किया जा सकता है। हल्के फ्लू के लिए फोन व इंटरनेट के जरिए सहायता ली जा सकती है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को फ्लू के साथ-साथ सांस फूलने की शिकायत हो तो उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती होना चाहिए।”

डॉ अग्रवाल बताते हैं, “यह जानकारी होना भी जरूरी है कि फ्लू के इलाज के लिए एंटीबॉयटिक्स की आवश्यकता नहीं होती। वह केवल उन्हें दिया जाना चाहिए जिनमें बुखार के साथ गला पकने की शिकायत हो। फ्लू से पीड़ित लोगों को अपने रूमाल या हाथ में खांसी व जुकाम नहीं करना चाहिए। इसकी जगह टीशू पेपर का इस्तेमाल करें और अगर उपलब्ध न हो तो अपनी स्लीव का प्रयोग करें। हाथों को साफ-सुथरा रखना बेहद जरूरी है।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493