कोलकाता, 18 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का तनाव और रहस्य गुरुवार को चरम पर पहुंच जाएगा, जब वोटो की गिनती होगी। इसके साथ ही कुल 1,961 उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला भी हो जाएगा।
कोलकाता, 18 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का तनाव और रहस्य गुरुवार को चरम पर पहुंच जाएगा, जब वोटो की गिनती होगी। इसके साथ ही कुल 1,961 उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला भी हो जाएगा।
इस पूर्वी राज्य पर अगले पांच साल के लिए कौन शासन करेगा। इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। खासतौर से इस बार पश्चिम बंगाल के चुनाव परिमाण पर सबकी नजर है।
एक दूसरे के धुर विरोधी रहे कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों ने यह चुनाव मिलकर लड़ा है जो सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी के लिए एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत कर सकती है।
एक्जिट पोल में यह अनुमान लगाया गया है कि तृणमूल कांग्रेस सत्ता में बनी रहेगी। वहीं, अलग-अलग एजेंसियों ने तृणमूल को 294 सदस्यीय विधानसभा में 155 से लेकर 253 सीटें तक मिलने का अनुमान लगाया है।
वहीं, विपक्षी पार्टियों की राय इससे जुदा है। उनका कहना है कि राज्य में डर का माहौल है। इसके कारण मतदाताओं ने सर्वेक्षण करने गए लोगों को सही जानकारी नहीं दी है। इसलिए पूर्वानुमान तृणमूल के पक्ष में आ रहे हैं।
इस चुनाव में खड़े हुए 1,961 उम्मीदवारों में 198 महिलाएं भी हैं। इनका भाग्य कुल 77,413 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में कैद है जो गुरुवार को गिनती के लिए 90 मतगणना केंद्रों पर सुबह 8 बजे खोले जाएंगे।
राज्य में 6 चरणों में हुए चुनाव में 4 अप्रैल से 5 मई के बीच सात दिन तक हुए मतदान में 77,247 मतदान केंद्रों पर कुल 6,55 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया। पश्चिम बंगाल में कुल 82.80 फीसदी मतदान देखा गया।
राज्य में कुल 294 मतगणना प्रेक्षकों की तैनाती की गई है और शांति भंग की किसी की घटना को रोकने के लिए केंद्रीय बलों की 78 कंपनियां लगाई गई है।
मतगणना केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा का प्रबंध किया गया है।
वाम मोर्चे के साथ कांग्रेस के गठबंधन ने जहां वरिष्ठ वामपंथी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को एक मंच पर ला दिया। वहीं इस चुनाव में भ्रष्टाचार केंद्रीय मुद्दा बन कर उभरा है।
इस दौरान तृणमूल ने जहां बुनियादी परियोजनाओं और कल्याण कार्यक्रमों का ढोल पीटा। वहीं, विपक्ष ने नारदा स्टिंग और शारधा घोटाले को लेकर खूब आरोप लगाए। कोलकाता में फ्लाइओवर गिरने से 26 लोगों की हुई मौत के मामले को भी इस चुनाव में खूब उछाला गया।
इसके अलावा लोगों की रुचि भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन में भी है जिसे 2014 के आम चुनाव के दौरान राज्य में आश्चर्यजनक रूप से 17 फीसदी मत हासिल हुए थे।
सर्वेक्षकों ने इस बार भाजपा का मत घटने का अनुमान लगाया है। कुछ का कहना है कि इसमें 5 फीसदी तक की कमी आ सकती है।
भाजपा को मिले मत चुनाव परिणामों पर गहरा असर डाल सकते हैं। हालांकि तृणमूल और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने ही दावा किया है कि भगवा पार्टी को हुए नुकसान से उनका फायदा होगा।
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