कोलकाता, 22 मई (आईएएनएस)। कोलकाता में सोमवार को वाम मोर्चे के विधायकों को सचिवालय के बाहर से हिरासत में ले लिया गया।
सचिवालय के बाहर से विधायक दल के नेता सुजान चक्रवर्ती सहित अन्य विधायकों को मोर्चे की रैली से पहले हिरासत में लिया गया।
चक्रवर्ती ने आईएएनएस को बताया, “हमारे 20 विधायक बेरोजगारी, किसानों की दुर्दशा और अन्य मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए सचिवालय की इमारत के गेट पर पहुंचे लेकिन पुलिस ने हमें अंदर नहीं जाने दिया। उन्होंने हमें बाहर रोक लिया और बाद में पुलिस वैन में बैठा दिया। वे इस बात का खुलासा नहीं कर रहे हैं कि हमें पुलिस हिरासत में लिया गया है या नहीं।”
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री शहर छोड़कर चली गई हैं। क्या वह यहां किसानों की दुर्दशा को लेकर चिंतित नहीं हैं? उन्होंने राज्य को जेल में तब्दील कर दिया है।”
राज्य में वाम मोर्चे की 11 किसान इकाईयां शहर के पांच अलग-अलग हिस्सों से सचिवालय इमारत ‘नबाना’ तक मार्च करने वाली थीं।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने बताया कि विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्होंने उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग की है।
उन्होंने कहा, “उन्हें गिरफ्तार किया गया है और अलीपुर अदालत ले जाया गया है। हम उनकी गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं।”
हालांकि, पुलिस ने उनकी गिरफ्तारियों की पुष्टि नहीं की है।
सचिवालय को किले में तब्दील कर दिया गया है। इसके सभी प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया है और सभी द्वारों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती भी की गई है।
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