बड़े मैचों का अनुभव लेकर आईएसएल-4 के फाइनल में उतरेगी बेंगलुरू

बेंगलुरू, 15 मार्च (आईएएनएस)। हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के चौथे सीजन के फाइनल में शनिवार को जब बेंगलुरू एफसी उतरेगी तो उसका पिछले पांच सीजनों में बड़े मैचों का शानदार रिकार्ड दांव पर होगा।

उसने अपने पिछले चार सीजनों में आई-लीग और फेडरेशन कप जैसे खिताब जीते हैं और अब अगर वो चेन्नइयन एफसी को मात देने में सफल हो पाती है तो पहली बार आईएसएल का खिताब भी अपने नाम कर लेगी।

गौरतलब है कि बेंगलुरू पहली बार ही आईएसएल खेल रही और पहली दफा ही वह फाइनल में जगह बनाने में सफल रही है।

बेंगलुरू ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है और कुल 35 गोल दागे हैं। वह लीग में टेबल में पहले स्थान पर रही थी। लीग दौर में उसने अपने खाते में 13 जीत डाली थीं। वह चार मैच पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुकी थी और दूसरे स्थान पर रहने वाली चेन्नइयन से आठ अंक आगे थी।

इसका बहुत हद तक श्रेय टीम के संयोजन को जाता है क्योंकि टीम के पास अहम जगहों के लिए बड़े खिलाड़ी हैं।

टीम के कोच अल्बर्ट रोका के मुताबिक, “हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने एएफसी कप सेमीफाइनल, फाइनल, फेडरेशन कप फाइनल खेले हैं। हमारी कोशिश मैदान पर जा कर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल खेलने की है।”

रोका की अंतिम एकादश और बेंच पर बैठे खिलाड़ी सभी जानते हैं कि फाइनल क्या होता है। नोर्वे से लौटे गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू से लेकर कप्तान सुनील छेत्री और मीकू के पास अच्छा खासा अनुभव है।

मीकू स्पेन के क्लब वालेंसिया के यूथ क्लब में खेले हैं। वह स्पेनिश लीग में खेल चुके हैं। उन्हें फरवरी 2016 में स्पेनिश लीग में महीने का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था। उनकी काबिलियत शानदार है, लेकिन उनकी परिपक्वता उनके खेल में निरंतरता लेकर आती है।

छेत्री भी बड़ा नाम हैं। उनके बारे में सभी जानते हैं। 21 साल के उदांता सिंह ने भी अपने आप को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साबित किया है और शीर्ष फुटबाल में चार सीजन खेल चुके हैं।

छेत्री ने कहा, “हम यह सोच कर अपने आप पर दबाव नहीं बनाना चाहते की यह फाइनल है। हम खेल के हर क्षेत्र में निरंतरता रखने में सफल रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी हमें काफी कुछ करने की जरूरत है। हमारे लिए यह जरूरी है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ खेल खेलें।”

मिडफील्ड में स्पेन के दिमास डेल्गाडो (35), एरिक पार्टलू (31) ने अपने आप को साबित किया है। वहीं डिफेंस में जॉन जॉनसन (29) क्लब की शुरुआत से ही टीम के साथ हैं। उन्होंने क्लब को दो बार आई-लीग और 2016 में एएफसी कप के फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

जुआनन (30) बेंगलुरू के डिफेंस की एक और मजबूत कड़ी हैं। वहीं रिक्रिएटिवो हुएलेवा ने भारत आने से पहले हंगरी को सफलता दिलाई है।

टीम में हरमनजोत खाबरा (29) हैं जो चेन्नइयन के साथ 2015 में आईएसएल का खिताब जीत चुके हैं। लेनी रोड्रिगेज काफी समय से भारत में फुटबाल खेल रहे हैं और वह चर्चिल ब्रद्र्स के साथ आई-लीग का खिताब जीत चुके हैं।

राहुल भीके (27) बेंगलुरू में आने से पहले केरला ब्लास्टर्स और एफसी पुणे सिटी के लिए आईएसएल में खेल चुके हैं।

सुभाशीष बोस (22) को छोड़कर रोका की अंतिम एकादश में सभी अनुभवी खिलाड़ी और विजेता हैं। बोस भी मोहन बगान और स्पोटिर्ंग डे गोवा के लिए खेल चुके हैं।

बेंगलुरू ने इस सीजन अभी तक जो प्रदर्शन किया है उसमें कोई अचरच की बात नहीं है और बड़े मैचों का अनुभव उसे पूर्व विजेता चेन्नइयन एफसी पर बढ़त दिलाता है।

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