अगरतला, 16 जनवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा में बर्ड फ्लू के ताजा प्रकोप को देखते हुए राज्य के पश्चिमी हिस्से में शनिवार को 8,000 से ज्यादा मुर्गियों और बतखों को मारने की कार्रवाई शुरू हो गई।
त्रिपुरा सरकार के पशु संसाधन विकास विभाग (एआरडीडी) के निदेशक मनोरंजन सरकार ने आईएएनएस को बताया, “हमने पश्चिमी त्रिपुरा के गांधीग्राम स्थित सरकारी पशु फार्म में आज (शनिवार) मुर्गियों, बतखों और अन्य पक्षियों को मारना शुरू कर दिया है। हमने अधिकारियों को आर. के. नगर सरकारी पशु फार्म में इस काम को यथासंभव जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है।”
उन्होंने कहा, “कुछ बतखों, मुर्गियों और अन्य पक्षियों के मरने के बाद हमने विभिन्न स्थानीय और बाहरी प्रयोगशालाओं में नमूने भेजे हैं।”
भोपाल की ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्युरिटी एनिमल डिजीज लैबोरेटरी’ ने पुष्टि की है कि सरकारी फार्म्स से भेजे गए नमूने ‘एवियन एन्फ्लूएंजा’ की पुष्टि करते हैं।
पक्षियों को मारने की कार्रवाई की निगरानी कर रहे सरकार ने कहा, “रोग को फैलने से रोकने के लिए बिना समय गंवाए तत्काल पक्षियों को मारने, उनके अंडों, आहार और अन्य चीजों को नष्ट करने का फैसला किया गया है।”
संक्रमण के एक किमी के दायरे में आने वाली मुर्गियों को मारा जाएगा, जिसमें नजदीकी गांव की मुर्गियां भी शामिल होंगी।
त्रिपुरा में पहली बार अप्रैल और मई 2008 में बर्ड फ्लू फैला था, जिसके कारण कई लाख मुर्गियों को मारना पड़ा था।
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