नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। माकपा ने बुधवार को मांग की कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर यहां एक अदालत परिसर में वकीलों के एक वर्ग द्वारा हमला किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त बी.एस. बस्सी को पद छोड़ देना चाहिए।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने पुलिस की नाक के नीचे कन्हैया कुमार पर हमले के लिए आरएसएस/भाजपा के गुंडों को जिम्मेदार ठहराया। कन्हैया कुमार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
माकपा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, “यह देश की राजधानी में कानून प्रवर्तन बल की पूर्ण विफलता का मामला लगता है और न्यायिक आदेश की धज्जियां उड़ाई गई।”
बयान में कहा गया है, “माकपा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के निर्देशों के अनुसार कन्हैया कुमार को पर्याप्त सुरक्षा न मुहैया कराने के लिए दिल्ली पुलिस की कड़ी निंदा करती है।”
बयान में कहा गया है, “बस्सी ने खुलेआम इस हमले को जायज ठहराया है। उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
बयान में आगे कहा गया है, “यह देश में न्याय निष्पादन प्रक्रिया को ध्वस्त करने की एक स्पष्ट कोशिश के अलावा कुछ नहीं है। इस तरह की हरकत अत्यंत अधिनायकवादी और फासिस्टवादी प्रवृत्तियों की याद ताजा करती है।”
जेएनयूएसयू के अध्यक्ष को 12 फरवरी को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद वह पुलिस हिरासत में थे। कुमार को कथिततौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के लिए गिरफ्तार किया गया है। लेकिन उन्होंने आरोप से इंकार किया है। बुधवार को कुमार को दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
माकपा ने कहा, “ये आरोप निराधार हैं।” पार्टी ने मांग की कि कन्हैया कुमार को तत्काल रिहा किया जाए और उनके खिलाफ तथा अन्य विद्यार्थियों के खिलाफ लगाए गए देशद्रोह के आरोप हटाए जाएं।
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