ढाका, 10 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश के पबना शहर में संदिग्ध इस्लामवादियों ने एक हिन्दू आश्रम के एक सेवक की शुक्रवार सुबह हत्या कर दी। यह जानकारी मीडिया रपट से मिली।
रपट के अनुसार पुलिस और आश्रम के पदाधिकारियों ने कहा कि पबना जिले के हिमायतपुर में हिन्दू आश्रम के सेवक नित्यरंजन पांडे(60) की हत्या सुबह उस समय की गई, जब वह टहलने निकले थे। हमलावरों ने उनकी गर्दन और सिर पर पीछे से हमले किए।
वेबसाइट बीडीन्यूज24 डॉट कॉम ने कहा कि पांडे ठाकुर अनुकूल चंद्र परमतीर्थ हिमायतपुरधाम आश्रम में विगत 40 वर्षो से थे।
आश्रम से 200 गज की दूरी पर और पबना मानसिक अस्पताल के मुख्य द्वार के निकट पांडे पर धारदार हथिार से हमला किया गया। पांडे पर हुए हमले के तरीके से यही संकेत मिलता है कि हमलावर उनका सिर काटने की कोशिश कर रहे थे।
आश्रम के सेवक की हत्या से स्तब्ध उनके एक साथी ने कहा कि पांडे मधुमेह रोगी थे, इसलिए वह प्रतिदिन सुबह टहलने जाते थे।
गैर सरकारी संगठन के एक कार्यकर्ता, नरेश मधु ने संवाददाताओं से कहा, “पांडे हमलागों में से एक थे। वह एक सरल व्यक्ति थे और उनका कोई दुश्मन नहीं था।”
मधु ने संदेह जताया कि पांडे की हत्या के पीछे इस्लामवादियों का हाथ है।
लेकिन पुलिस अधिकारी सलीम खान ने कहा, “हम मामले की हर संभावित दृष्टिकोण से जांच कर रहे हैं। हम अभी नहीं कह सकते कि यह आतंकी हमला था।”
नाटोर में पांच जून को एक ईसाई दुकानदार की हत्या के कुछ दिनों बाद और बाद में झेनायदाह में एक हिन्दू पुजारी की हत्या के दो दिनों के बाद पांडे की हत्या हुई है। दोनों हत्या के मामलों में इस्लामवादियों पर संदेह जताया गए थे।
विगत दो साल में बांग्लादेश में इसी तरह से कई हत्याएं हो चुकी हैं, जिससे लोगों में आक्रोश है।
बांग्लादेश में इस तरह के हमलों के शिकार होने वालों में धर्मनिरपेक्ष लेखक और ब्लॉगर्स, ऑन लाइन कार्यकर्ता, विदेशी नागरिक , अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों के कई सदस्य और अधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं।
पांडे की हत्या ऐसे समय में हुई है, जब पूरे बांग्लादेश में पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ सात दिवसीय कार्रवाई शुरू कर रखी है।
बताया जाता है कि बांग्लादेश में हो चुकी कई हत्याओं की जिम्मेदारी मध्य पूर्व स्थित आतंकी संगठनों -इस्लामिक स्टेट और अल कायदा ने ली थी। लेकिन सरकार ने उनके दावों को खारिज कर दिया था और कहा था कि इसके लिए घरेलू आंतकवादी ही जिम्मेदार थे।
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