कोलकाता, 2 नवंबर (आईएएनएस)। देश में असहिष्णुता के खिलाफ साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वालीं बांग्ला कवयित्री मंदाक्रांता सेन ने सोमवार को कहा कि अकादमी ने उन्हें पत्र लिखकर पुरस्कार वापस लेने का अनुरोध किया है। लेकिन, सेन ने कहा कि वह पुरस्कार वापस नहीं लेंगी।
कोलकाता, 2 नवंबर (आईएएनएस)। देश में असहिष्णुता के खिलाफ साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वालीं बांग्ला कवयित्री मंदाक्रांता सेन ने सोमवार को कहा कि अकादमी ने उन्हें पत्र लिखकर पुरस्कार वापस लेने का अनुरोध किया है। लेकिन, सेन ने कहा कि वह पुरस्कार वापस नहीं लेंगी।
सेन ने आईएएनएस से कहा, “मेरा रुख आज भी पहले वाला है। मैं इसे वापस लेने से इनकार करती हूं। हालांकि अकादमी ने लेखकों की हत्या की निंदा की है लेकिन देश में असहिष्णुता का माहौल बदला नहीं है।”
सेन ने कहा कि अकादमी का पत्र उन्हें सोमवार को मिला। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें लिखकर अपनी स्थिति बताऊंगी।”
सेन ने अक्टूबर में साहित्य अकादमी का युवा लेखक विशेष पुरस्कार लौटा दिया था। उन्होंने कहा कि दादरी में एक आदमी की पीट पीटकर की गई हत्या और लेखकों पर पूरे देश में होने वाले हमले वे ‘सीधी वजहें’ थीं जिनकी वजह से उन्होंने विरोधस्वरूप अपना पुरस्कार लौटा दिया।
dharmpath.com dharmpath