इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत को बाधाओं को दूर कर पर्यटकों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
सेनानायके ने संवाददाताओं से कहा, “श्रीलंका से अधिक से अधिक पर्यटक कुशीनगर में महात्मा बुद्ध के दर्शन के लिए आ सकें, इसके लिए भारत सरकार से वार्ता कर हर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। श्रीलंका और भारत की मित्रता बहुत पुरानी है। आज भी वह संबंध कायम है। दोनों देशों की मित्रता की चर्चा पूरे विश्व में रहती है।”
उन्होंने कहा, “मेरा भारत सरकार से अनुरोध है कि पर्यटकों के बारे में जो भी समस्या है, उन सभी को दूर कर पर्यटकों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि महात्मा बुद्ध के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालु निर्विघ्न होकर दर्शन के लिए आ सकें।”
मंत्री ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत की वह बहुत ही सुलझी हुई विदेश मंत्री हैं। उन्होंने कई जगहों पर भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया है।
श्रीलंका के विदेश राज्यमंत्री ने मुख्य मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रामाभार स्तूप का दर्शन किया। वहां श्रीलंका के विदेश राज्यमंत्री का स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कसया के सीओ ओमपाल सिंह ने उनकी अगुवाई की।
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