पटना, 23 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को सत्ताधारी महागठबंधन का ‘कार्यकर्ता दरबार’ लगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार सहित महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद, कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी सहित कई मंत्रियों ने कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनीं और उसके निराकरण का आश्वासन दिया गया।
महागठबंधन सरकार बनने के बाद पहली बार आयोजित कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बताया कि आज (सोमवार) कार्यकर्ताओं की बैठक की शुरुआत हुई है। अब प्रत्येक माह के चौथे सोमवार को महागठबंधन का कार्यकर्ता दरबार लगाया जाएगा। इसमें कार्यकर्ता नेतृत्व से अपनी परेशानी लिखित और मौखिक रूप से बता सकते हैं। इससे नीचे स्तर तक के कार्यकर्ताओं से समनवय बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि महागठबंधन एकजुट है, किसी को भ्रम में नहीं रहना चाहिए।
बैठक मंे मुख्यमंत्री नीतीश ने महागठबंधन में शामिल सभी दलों के जिलाध्यक्षों से निचले स्तर पर पूरा समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “अगर किसी मामले में किसी तरह की कोई समस्या है तो लिखकर दीजिए।”
उन्होंने जिलाध्यक्षों से लोगों की शिकायतें सुनने और उन शिकायतों के निपटारे के लिए उन्हें लोक शिकायत निवारण केंद्र पर पहुंचाने की भी बात कही।
इस मौके पर तीनों दलों के जिलाध्यक्ष भी उपस्थित थे। इस बैठक को महागठबंधन में एकजुटता दिखाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्रत्येक महीने के पहले तीन सोमवार को मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के तहत चुने हुए लोगों से संवाद करते हैं और उनकी शिकायतें और सलाह सुनते हैं।
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