बिहार चुनाव ख़त्म हुए-अच्छे दिन आये-किसके? यह पता नहीं

business-half-percent-cess-on-service-tax-excise-on-petrol-diesel-hiked-govt-may-stop-subsidy-on-lpg-online-news-in-hindi-indiaनई दिल्ली. केंद्र ने अपनी योजनाओं को लागू करने और बजट लक्ष्यों को पूरा करने को लेकर रकम जुटाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसमें सबसे पहले ने शुक्रवार को सभी कर योग्य सेवाओं पर 0.5 प्रतिशत का स्वच्छ-भारत उपकर (सेस) लगाने की घोषणा की है. शुक्रवार की ही रात से पेट्रोल पर 1 रूपए 60 पैसे और  डीजल पर 40 पैसे प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही सरकार ने ऐसे लोगों की एलपीजी सब्सिडी खुद बंद करने का ऐलान किया है जो धनाढ्य वर्ग से हैं पर उन्होंने अपनी सब्सिडी सरेंडर नहीं की है.

स्वच्छ-भारत उपकर

0.5 प्रतिशत का उपकर (सेस) लगाने विमान यात्रा, टेलीफोन, होटल में खाने से लेकर बैंकिंग तक सभी सेवाएं आगामी 15 नवंबर से महंगी हो जाएंगी. यह उपकर स्वच्छ भारत कार्यक्रम के वित्तपोषण के लिए लगाया जा रहा है. यह उपकर पहले से लागू 14 प्रतिशत के सेवाकर के अतिरिक्त होगा. इस उपकर से सरकार को चालू वित्त वर्ष की शेष बची अवधि में अतिरिक्त 4,000 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे.

वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि सरकार ने 15 नवंबर, 2015 से सभी सेवाओं पर 0.5 प्रतिशत की दर से स्वच्छ भारत उपकर लगाने का फैसला किया है. यह उपकर उन सेवाओं पर लगेगा जिन पर सेवा कर लगता है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2015-16 के बजट में जरूरत महसूस होने पर सभी या कुछ सेवाओं पर दो प्रतिशत तक का स्वच्छ-भारत उपकर लगाने का प्रस्ताव किया था.

0.5 प्रतिशत उपकर का तात्पर्य है कि प्रत्येक 100 रुपये की कर योग्य सेवाओं पर 50 पैसे अतिरिक्त देने होंगे. बयान में कहा गया है कि स्वच्छ भारत उपकर एक और कर नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ भारत में प्रत्येक नागरिक को शामिल करने और योगदान देने का कदम है. सरकार ने बजट में सेवा कर से 2.09 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. यह 4,000 करोड़ रुपये का उपकर इसके अतिरिक्त होगा.

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि 120 करोड़ की आबादी वाले देश में साफ सफाई को लेकर काफी चिंता है. साफ सफाई का जन स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव पड़ता है. सरकारी अनुमानों के अनुसार स्वास्थ्य पर सालाना खर्च 6,700 करोड़ रुपये बैठता है.

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई

सरकार ने बजट लक्ष्यों को पूरा करने को लेकर अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए शुक्रवार रात पेट्रोल पर 1.6 रूपये प्रति लीटर और डीजल पर 40 पैसे प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी. सीबीईसी अधिसूचना के अनुसार गैर ब्रांडेड या सामान्य पेट्रोल पर बेसिक एक्साइज ड्यूटी 5.46 रूपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 7.06 रूपये प्रति लीटर कर दी गई है. अतिरिक्त और विशेष एक्साइज ड्यूटी को शामिल करने के बाद पेट्रोल पर कुल लेवी 19.06 रूपये प्रति लीटर हो जाएगी जो वर्तमान में 17.46 रूपये प्रति लीटर थी.

इसी तरह, गैर ब्रांडेड या सामान्य डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 4.26 रूपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 4.66 रूपये प्रति लीटर कर दी गई है. ब्रांडेड पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 6.64 रूपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 8.24 रूपये प्रति लीटर कर दी गई है. विशेष और अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी पहले की तरह ही 12 रूपये प्रति लीटर रहेगी. ब्रांडेड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 6.62 रूपये से बढ़ाकर 7.02 रूपये प्रति लीटर कर दी गई है.

बंद हो सकती है कुछ लोगों की एलपीजी सब्सिडी

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को धनाढ्य लोगों के लिए एलपीजी सब्सिडी बंद करने का संकेत दिया क्योंकि करीब 15 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं में से केवल 42.5 लाख लोगों ने स्वेच्छा से एलपीजी पर सब्सिडी का त्याग किया है.

प्रधान ने यहां दिल्ली आर्थिक सम्मेलन में कहा, यह निर्णय करने का समय आ गया है कि एक निश्चित आय स्तर से परे लोगों को सब्सिडी नहीं दी जानी चाहिए. सब्सिडी बेहतर ढंग से लक्षित होनी चाहिए ताकि यह उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी जरूरत है. दिल्ली में सब्सिडी वाले एलपीजी (14.2 किलोग्राम) सिलेंडर 417.82 रुपये में उपलब्ध है, जबकि गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर 545 रुपये में उपलब्ध है.

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