पटना, 2 मार्च (आईएएनएस)। पटना उच्च न्यायालय ने सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को बुधवार को बड़ी राहत देते हुए चर्चित तेजाब कांड मामले में जमानत दे दी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद जियादुल होदा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पटना उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अंजना प्रकाश की खंडपीठ ने शहाबुद्दीन को जमानत दे दी। हालांकि, अन्य दूसरे मामलों में आरोपी होने के कारण पूर्व सांसद की जेल से रिहाई नहीं होगी।
पिछले वर्ष 11 दिसंबर को सीवान के चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की विशेष अदालत ने इस मामले में शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में अदालत ने तीन अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि 16 अगस्त, 2004 को सीवान के व्यवसायी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के बेटों गिरीश, सतीश और राजीव का अपहरण किया गया था। गिरीश और सतीश की तेजाब डालकर हत्या कर दी गई थी, जबकि राजीव उनके चंगुल से भाग निकलने में कामयाब रहा था।
इस मामले में गिरीश की मां कलावती देवी के बयान पर सीवान के मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया था।
हत्याकांड के गवाह और मृतकों के भाई राजीव ने अदालत को बताया था कि वारदात के समय पूर्व सांसद शहाबुद्दीन खुद वहां उपस्थित थे। वर्ष 2014 में राजीव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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