बिहारशरीफ, 20 फरवरी (आईएएनएस)। एक किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी विधायक राजबल्लभ प्रसाद यादव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बिहार की एक अदालत ने शनिवार को आरोपी विधायक की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी।
बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश रश्मि शिखा की अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुनने के बाद आरोपी विधायक की अग्रिम जमानत की याचिका खरिज कर दी।
इधर, विधायक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इधर, पीड़िता की सहायता के लिए सरकार ने तीन लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है।
बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी (एडीएम) खुर्शीद आलम ने बताया कि ‘विक्टिम कंपनसेशन एक्ट’ के तहत पीड़िता को तीन लाख की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें से एक लाख रुपये का भुगतान तत्काल कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नालंदा जिले के रहुई थाने के सुल्तानपुर की 15 वर्षीय लड़की ने नालंदा महिला थाने में नौ फरवरी को दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी।
दर्ज प्राथमिकी में नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया है कि छह फरवरी को बिहारशरीफ के धनेश्वर घाट मुहल्ले की सुलेखा देवी उसे एक जन्मदिन की पार्टी में ले जाने के बहाने गिरियक ले गई। सुलेखा ने किशोरी को विधायक के हवाले कर दिया और विधायक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की को सात फरवरी को बिहारशरीफ में उसके घर छोड़ दिया गया और उसे मुंह बंद रखने की धमकी दी गई।
नवादा से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक राजबल्लभ को पार्टी ने निलंबित कर दिया है।
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