पटना, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। बिहार में पिछले साल मैट्रिक की परीक्षा में नकल की खबरों से सरकार की हुई करकिरी से सबक लेते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार को कहा कि नकल के लिए बदनाम स्कूलों को अब मैट्रिक परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
शिक्षा मंत्री चौधरी ने पटना में पत्रकारों से कहा, “पता चला है कि स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए कई गिरोह काम करते हैं। ऐसे गिरोहों से सावधान रहना होगा।”
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष मार्च में होने वाली मैट्रिक परीक्षा के केंद्र बनाने में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।”
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मैट्रिक और 12वीं की परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग की बैठक भी हुई है। बैठक में इन दोनों परीक्षाओं को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से रिपोर्ट मांगी गई है।
बैठक में विभाग के प्रधान सचिव ने निर्देश दिया है कि वैसे स्कूल, जहां पिछले साल परीक्षा केंद्र बनाए गए और कदाचार पर काबू नहीं पाया जा सका, वैसे स्कूल अब परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक की परीक्षा 11 मार्च, 2016 से शुरू होगी।
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