पटना, 22 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक ट्वीट से प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है। नीतीश ने ट्वीट में रहीम के दोहे ‘चंदन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग’ का उल्लेख कर खुद की तुलना जहां चंदन से की है, वहीं यह खुलासा नहीं किया कि उनकी नजर में विष कौन है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि नीतीश ने भुजंग की तुलना जनता परिवार में उनके नए सहयोगी लालू यादव से की है।
नीतीश ने ट्वीट के जरिए कहा कि विकास उनका एकमात्र एजेंडा है और रहेगा। नीतीश ने लिखा, “जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करी सकत कुसंग। चंदन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग॥”
रहीम के इस दोहे के नीतीश के ट्वीट के जरिए सामने आने के बाद राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं का कहना है कि नीतीश ने अपने ट्वीट के जरिए लालू पर निशाना साधा है। लालू को विषधर सांप बताते हुए खुद की तुलना चंदन से की है। नीतीश को पता है कि गठबंधन की मजबूरियों के बावजूद अगर लालू साथ रहे तो प्रदेश में जंगलराज को रोक पाना संभव नहीं होगा।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनोद नारायण झा कहते हैं, “नीतीश ने जहां खुद को चंदन कहा है, वहीं लालू की तुलना सांप से की है।”
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश ने बिहार के विकास पर ट्वीट किया, जिसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उन्होंने हालांकि, यह भी कहा कि बड़े या छोटा नेता ऐसा कोई बयान न दें, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो। इससे जनता में गलत संदेश जाएगा।
इधर, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “नीतीश के इस ट्वीट का जवाब तो राजद के लालू प्रसाद को ही देना चाहिए। नीतीश आखिर किसे अपमानित करना चाहते हैं और ट्वीट के जरिए उन्होंने किसे ‘भुजंग’ बताने की कोशिश की है।”
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