गया, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। बौद्ध संप्रदाय के श्रद्धा का केंद्र बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधिवृक्ष पूरी तरह स्वस्थ है। वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है। इस बीच देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान से आए वैज्ञानिकों की देखरेख में बोधिवृक्ष की सूखी हुई टहनियों को काटकर हटा दिया गया है।
महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति (बीटीएमसी) के सदस्य डॉ़ अरविंद कुमार सिंह ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि करीब तीन वर्ष के बाद बोधिवृक्ष से सूखी टहनियों को काटकर अलग किया गया है। उन्होंने बताया कि बोधिवृक्ष की कटी टहनियों की गोलाई और लंबाई माप कर उसे बीटीएमसी के स्टोर रूम में रख दिया गया है। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
वन अनुसंधान संस्थान से आए वैज्ञानिक डॉ़ सुरेश चंद्रा की मौजूदगी में बुधवार को बोधिवृक्ष की सूख चुकी टहनियों को काटा गया। सुरेश चंद्रा ने बताया कि इन दिनों पतझड़ का मौसम चल रहा है, जिसके कारण पुरानी पत्तियां झड़ गई हैं और नई पत्तियां निकल रही हैं। उनका दावा है कि नई पत्तियां सही समय पर निकल रही हैं, जिससे स्पष्ट है कि बोधिवृक्ष पूरी तरह स्वस्थ है।
उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को वृक्ष के कटे-छिले हिस्सों पर रासायनिक लेप किया जाएगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि सूखी टहनियों को वृक्ष से अलग कर देना जरूरी होता है।
मान्यता है कि इसी महाबोधि वृक्ष के नीचे ध्यानमग्न महात्मा गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक इस बोधिवृक्ष को देखने बोधगया आते हैं। बोधिवृक्ष की देखरेख देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान द्वारा किया जा रहा है।
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