बिहार : पूर्ण शराबबंदी के खिलाफ जनहित याचिका दायर

पटना, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार सरकार द्वारा राज्य में पूर्ण शराबबंदी के फैसले को चुनौती देते हुए बुधवार को पटना उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में शराबबंदी के फैसले को आम आदमी को संविधान में मिले अधिकार का हनन बताया गया है।

भूतपूर्व सैनिक अवध नारायण सिंह द्वारा पटना उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका में बिहार सरकार द्वारा शराबबंदी के फैसले को चुनौती देते हुए कहा गया है कि किसी भी सरकार को जनता के खाने-पीने या उसकी पसंद-नापसंद पर रोक लगाने का कोई हक नहीं है।

याचिका में दलील दी गई है कि शराबबंदी के लिए जो कानून बनाया गया है वह जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। उत्पाद संशोधन अधिनियम जनता की रुचि, स्वच्छंदता और उसकी पसंद पर हमला है जो संविधान में दिए गए अधिकार का उल्लंघन भी है।

सिंह ने पत्रकारों को बताया कि याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायालय द्वारा अब तक कोई तारीख निश्चित नहीं की गई है।

बिहार में मंगलवार से शराब पर पूरी तरह से पाबंदी लग गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य में पूर्ण शराबबंदी के फैसले के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तत्काल प्रभाव से सभी तरह की शराब की खरीद और बिक्री व उपभोग पर पाबंदी लगा दी गई है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में देसी शराबबंदी के उत्साहजनक परिणाम को देखते हुए तत्काल प्रभाव से विदेशी शराब के भी थोक एवं खुदरा व्यापार और उसके उपभोग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार के किसी भी होटल और बार में अब शराब नहीं परोसी जाएगी और न ही किसी को इसका लाइसेंस दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि देसी और मसालेदार शराब की खरीद और बिक्री पर एक अप्रैल से ही पाबंदी लगा दी गई है।

बिहार विधानसभा में 30 अप्रैल को शराबबंदी को लेकर ‘बिहार उत्पाद संशोधन विधेयक 2016’ सर्वसम्मति से पास हुआ।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493