गया के अतरी थाना क्षेत्र में सोमवार को बिजली की तार की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। बथानी के पुलिस उपाधीक्षक विद्यासागर ने आईएएनएस को बताया कि टेटुआ गांव निवासी निरंजन सुबह कूड़ा फेंकने घर से बाहर जा रहे थे, तभी चाहरदीवारी में लगे लोहे की तार की चपेट में आ गए, जिसमें पहले से ही करंट प्रवाहित हो रहा था।
इसके बाद उन्हें बचाने उनकी पत्नी आशा देवी और उनके बेटे आलोक कुमार वहां पहुंचे और वे भी करंट की चपेट में आ गए। घटनास्थल पर झुलसकर तीनों की मौत हो गई।
इस बीच घटना के विरोध में ग्रामीणों ने शव के साथ प्रदर्शन कर टेटुआ में सड़क जाम कर दिया। आक्रोशित लोग बिजली विभाग से खासे नाराज थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
इधर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने इस घटना की निंदा करते हुए विभाग के लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों के आश्रितों को 25 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की मांग की है।
इधर, नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र में सोमवर तडके करंट की चपेट में आ जाने से पिता-पुत्र की झुलस कर मौत हो गई।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पचिया गांव निवासी 50 वर्षीय सुनील सिंह और उनका पुत्र गौरव कुमार खेत में काम करने गए, तभी पहले से गिरे विद्युत तार की चपेट में आ गए। दुर्घटना में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में पिता-पुत्र को देखने गए उनका दूसरा पुत्र सौरभ कुमार करंट लगने से झुलस गया।
घायल युवक को नारदीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
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