पटना, 18 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार में शराबबंदी को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत 21 जनवरी को राज्य में बनने वाली दुनिया की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला को लेकर पटना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
पटन उच्च न्यायलय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता और न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने अधिवक्ता शशिभूषण कुमार द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए सरकार के इस कार्यक्रम पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा है कि आखिर किस कानून के तहत राष्ट्रीय राजमार्गो और राज्य मार्गो पर वाहनों का परिचालन बंद रखा जाएगा।
इस मामले पर अगली सुनवाई गुरुवार को होगी। अदालत ने सरकार को गुरुवार तक इस मामले में जवाब देने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने सरकार द्वारा इस अभियान में स्कूली बच्चों को भी खड़ा किए जाने पर गहरी नराजगी जाहिर की है।
याचिकाकर्ता ने दायर याचिका में कहा, “सरकार ने 21 जनवरी को सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए कहा है, इस दौरान सभी सरकारी कार्य ठप हो जाएंगे। स्कूली बच्चों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।” याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस दिन पांच घंटे तक पूरा प्रदेश ठप रहेगा।
उल्लेखनीय है कि बिहार में शराबबंदी के पक्ष में सरकार 21 जनवरी को दुनिया की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाने जा रही है। इसमें दो करोड़ लोगों के शामिल करने की योजना है। इस मानव श्रृंखला की सैटेलाइट से तस्वीर लेने के लिए नासा से संपर्क किया गया है।
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