तिरूवनंतपुरम, 19 नवंबर (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने गुरुवार को कहा कि बिहार में 220 सीटों पर चुनाव लड़कर वाम मोर्चा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 10 सीटें जीतने में मदद की, क्योंकि चुनाव मैदान में अगर वाम मोर्चा नहीं होता, तो ये सीटें भाजपा हार जाती।
बिहार विधानसभा चुनाव में वाम पार्टियों के अकेले मैदान में उतरने को लेकर उन पर निशाना साधते हुए चांडी ने कहा कि वाम मोर्चा जल्द ही अपनी एक और ऐतिहासिक गलती की स्वीकारोक्ति करेगा।
उनका इशारा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता ज्योति बसु की ओर था, जिन्होंने अपनी पार्टी द्वारा साल 1996 में उन्हें संयुक्त मोर्चे की सरकार में प्रधानमंत्री न बनाने के फैसले को ऐतिहासिक भूल करार दिया था।
चांडी ने यहां एक बयान में कहा, “बिहार विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने के उनके फैसले ने भाजपा की मदद की और अब उन्हें अपनी भूल का अहसास हो रहा है।”
उन्होंने कहा, “अब चूंकि माकपा सांप्रदायिक शक्तियों को आगे बढ़ने से रोकने में नाकामयाब रही है, तो अब वह कहेगी कि यह उनकी दूसरी ऐतिहासिक भूल है।”
पटना में शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले लोगों की सूची में चांडी भी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि वाम मोर्चा के छह दलों ने एक गठबंधन के तहत 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा चुनाव में अपने 221 उम्मीदवारों को उतारा था। भाजपा को केवल 53 सीटें मिली, जबकि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने 178 सीटों पर जीत दर्ज की।
चांडी ने कहा, “उनकी (वाम मोर्चा) रणनीति से भाजपा को 10 सीटें अधिक मिलीं। इन सीटों पर भाजपा विरोधी मत थे, जिनका बंटवारा हुआ।”
उन्होंने कहा, “कई सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर बेहद मामूली था, जो वाम मार्चा के उम्मीदवारों को मिले मतों से कम था।”
उन्होंने कहा, “माकपा ने हमेशा भाजपा की मदद की है। चाहे साल 1977 हो या 1989, हर बार वे फासीवाद विरोधियों से लड़ने में नाकामयाब रहे।”
dharmpath.com dharmpath