मायावती ने यहां उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जोन व जिला स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में किए वादों की तरह ही मोदी का बिहार में विकास का दावा धरा-का-धरा रह जायेगा। देश की तरह ही बिहार में भी तनाव व अफरा-तफरी का खराब माहौल छा जाएगा।
बसपा मुखिया ने उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि इस चुनाव के कारण पार्टी संगठन की तैयारी में काफी हद तक विलंब हुआ है, फिर भी पार्टी ने पंचायत चुनाव में काफी अच्छे नतीजे दिखाए हैं।
उन्होंने कहा कि बसपा के काफी लोगों को जनता ने जिताया है और यदि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सत्ताधारी सपा ने पहले की ही तरह चुनावी धांधली व सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग नहीं किया तो फिर बसपा के लोग प्रधान पद के चुनाव में भी काफी संख्या में जीत हासिल करेंगे।
उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश होगी कि सपा का साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडे इस बार भी सफल न होने पाए।”
बसपा मुखिया ने बैठक में पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि इन चुनावों के बावजूद डॉ. भीमराव अम्बेडकर के ‘परिनिर्वाण दिवस’ पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी लखनऊ के गोमतीनगर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर होने वाला प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम काफी सफल होना चाहिए।
इस सम्बन्ध में उन्होंने दिशा-निर्देश भी दिये। बसपा मुखिया ने उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड राज्यों में पार्टी संगठन के कार्यों की समीक्षा की और इसके साथ ही उन्हें पार्टी संगठन के शेष बचे कार्यों को भी यहां विधानसभा के आमचुनाव होने से पहले पूरा करने के लिये भी निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव होने का समय बहुत कम रह गया है और यह चुनाव होने तक यहां की जनता को गुमराह करने के लिए विरोधी पार्टियों द्वारा अपने पक्ष में हवा बनाने के लिए किस्म-किस्म के घिनौने हथकंडे भी इस्तेमाल किए जाएंगे, जिनसे बसपा के लोगों को अभी से ही सावधान रहना बहुत जरूरी है।
बसपा प्रमुख ने कहा, “उत्तर प्रदेश के लोग बीजेपी एंड कंपनी के लोगों के सांप्रदायिक एजेंडे से सावधान रहें।”
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