सुपौल/पटना, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में सुपौल जिले के लोहियानगर चौक पर महान समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की प्रतिमा पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के माल्यार्पण के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं की ओर से प्रतिमा को धोए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना की निंदा की है।
पुलिस के अनुसार, रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री मांझी सहरसा जाने के क्रम में सुपौल में रुककर लोहियानगर चौक स्थित लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मांझी के सहरसा रवाना होने के कुछ ही देर बाद वहां छात्र राजद के जिलाध्यक्ष अनोज कुमार आर्य, लोहिया विचार मंच के प्रमंडलीय अध्यक्ष दुखीलाल यादव और मुकेश कुछ लोगों के साथ पहुंचे और लोहिया की प्रतिमा को धोने के बाद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इधर, सदर थाने में इस मामले को लेकर एक मामला दर्ज कराया गया है। सदर थाना प्रभारी राजकिशोर बैठा ने सोमवार को बताया, “दंडाधिकारी कालीचरण के बयान के आधार पर सदर थाने में इस मामले को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में राज्य में शांति व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।”
सुपौल के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार ने बताया कि इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
इधर, मांझी ने इस घटना पर कहा, “लोहिया किसी के छूने से अछूत नहीं हो सकते और जो लोग प्रतिमा को धो रहे हैं, वे समाजवादी नहीं हो सकते।”
इस बीच भाजपा ने इस घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर चौधरी ने कहा कि लोहिया गरीबों और पिछड़े तबकों के मसीहा थे। इस घटना से राजद का वास्तविक चेहरा लोगों के सामने आ गया है।
इधर, जल एवं संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि उन्हें ऐसी खबर मीडिया से ही मिली है। सरकार पूरे मामले की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह सकेगी।
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