सीवान, 15 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को बिहार की सीवान जेल से दिल्ली की तिहाड़ में जेल भेजने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का याचिकाकर्ताओं ने स्वागत किया है।
बिहार के दिवंगत पत्रकार राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन की याचिका पर फैसला सुनाते हुए बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को एक सप्ताह के अंदर सीवान जेल से दिल्ली की तिहाड़ में जेल भेजने का आदेश दिया। याचिका में कहा गया है कि शहाबुद्दीन के सीवान जेल में रहने से गवाहों को जान का खतरा है।
आशा रंजन ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इस फैसले से खुशी वाली तो कोई बात नहीं है। हां, डरे हुए लोगों को राहत जरूर मिली है। गवाहों और लोगों के मन में भय जरूर कम होगा।”
इधर, चर्चित तेजाब कांड में अपने दो पुत्रों को खो चुके व्यवसायी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू ने कहा, “यह फैसला हमारे जैसे कई लोगों के लिए संतोष देने वाला है। भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं है।”
उल्लेखनीय है कि सीवान के चंद्रकेश्वर प्रसाद और आशा रंजन ने राजद नेता को सीवान जेल से स्थानांतरित किए जाने की याचिकाएं दायर की थीं। चंद्रकेश्वर प्रसाद के तीन बेटे दो अलग-अलग घटनाओं में मारे गए थे और आशा के पति पत्रकार राजदेव रंजन की सीवान में हत्या हो गई थी।
याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि शहाबुद्दीन के खिलाफ लंबित मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सुनवाई के लिए उन्हें सीवान जेल से राज्य के बाहर किसी अन्य जेल में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए।
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