पटना, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार पुलिस ने सारण जिले में हुए सांप्रदायिक तनाव के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक की संलिप्तता की जांच शुरू कर दी है।
सारण जिले के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार राज ने आईएएनएस को बताया कि इस मामले में भाजपा विधायक सी.एन.गुप्ता की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, “हम गुप्ता की भूमिका की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय हिंदी समाचार चैनल द्वारा मंगलवार को एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें गुप्ता को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) तथा बजरंग दल की ओर से आहूत बंद के दौरान सारण जिला मुख्यालय छपरा में परंपरागत हथियारों से लैस कुछ लोगों की अगुवाई करते देखा जा रहा है। इस बंद का आयोजन प्रशासन की ओर से निषेधाज्ञा लागू किए जाने के बावजूद किया गया।
कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने कहा, “लोगों से सांप्रदायिक सद्भाव व शांति बनाए रखने की अपील करने की बजाय गुप्ता छपरा में बजरंग दल और विहिप समर्थक भीड़ की अगुवाई कर रहे थे, जिसके कारण हिंसा हुई। अल्पसंख्यक समूह के सदस्यों के घरों तथा दुकानों पर हमला किया गया।”
खान ने आईएएनएस से कहा, यह बात साफ है कि गुप्ता ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है और लोगों को भड़काया, जिसके कारण सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हुआ।
उन्होंने कहा, “राज्य प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए और सांप्रदायिक सद्भाव का एक सशक्त संदेश देना चाहिए।”
छपरा के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सांप्रदायिक तनाव के लिए गुप्ता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि गुप्ता पिछले कई दशकों से आरएसएस तथा विहिप व बजरंग दल जैसे कुछ अन्य हिंदुत्ववादी संगठनों से संबंध रहा है।
गुप्ता ने हालांकि हिंसा में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया।
खबरों के अनुसार, सारण में स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि स्कूल और कॉलेज मंगलवार को खुले और बाजार भी फिर से खोले गए।
तनाव उस वक्त शुरू हुआ था जब बाल्हा गांव और मकेर गांव के कुछ युवाओं ने एक आपत्तिजनक वीडियो क्लिप ऑनलाइन डालने के मामले में कार्रवाई करने में ‘पुलिस की विफलता’ के विरोध में पिछले सप्ताह प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया था।
एक अधिकारी ने बताया कि तनाव बढ़ा, जिसके बाद उग्र भीड़ ने शुक्रवार को अल्पसंख्यक समुदाय के घरों तथा दुकानों पर हमला कर दिया था। कुछ युवकों ने मुख्य आरोपी के घर पर हमला कर दिया, जिसके बाद साम्प्रदायिक तनाव बढ़ गया।
बीते पांच अगस्त को दोनों समुदायों के बीच हिंसक झड़पें हुईं और कई स्थानों पर दुकानों तथा घरों को निशाना बनाया गया। इसके बाद विहिप और बजरंग दल ने एक दिन के बंद का आह्वाहन किया। इस दौरान उन्होंने दुकानें बंद करवा दीं। हालांकि स्कूल और कॉलेज खुले रहे।
हिंसक झड़पों में पुलिसकर्मियों सहित 10 से अधिक घायल हुए हैं, जबकि 55 दुकानें जला दी गईं और घर लूटे गए। इस मामले में अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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