माकपा के राज्य सचिव हीरालाल यादव ने मंगलवार को कहा, “छेड़खानी के विरुद्ध और अपनी सुरक्षा की मांगों को लेकर धरने पर बैठी छात्राओं की यह अत्यंत सामान्य मांग थी कि कुलपति उनके धरने पर जाकर उनसे बात करें। लेकिन, कुलपति ने हठवादिता और पुलिस के बल पर जबरन धरनारत छात्राओं का मुंह बंद करने की कोशिश की और उन पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया और उनके छात्रावासों में घुसकर मारा-पीटा।”
उन्होंने कहा, “यह आंदोलन पूरी तौर पर विश्वविद्यालय की छात्राओं का था और किसी छात्र संगठन द्वारा प्रेरित नहीं था। कुलपति का यह बयान और हतप्रभ करने वाला है कि आंदोलन में बाहरी लोगों का हाथ था। अत्यंत क्षुद्र मानसिकता का परिचय देते हुए कुलपति ने छात्रा के साथ हुई छेड़खानी को प्रयोजित तक कह दिया।”
राज्य सचिव ने कहा कि बीएचयू जहां के कुलपति के पद को मालवीय जी जैसे लोगों ने गौरवान्वित किया है, वर्तमान कुलपति जी.सी. त्रिपाठी ने उसकी गरिमा को तार-तार कर दिया।
पार्टी ने कुलपति को तत्काल हटाने की मांग करते हुए छात्राओं की मुक्कमल सुरक्षा व्यवस्था करने, छात्रा-छात्राओं पर से मुकदमे वापस लेने तथा संपूर्ण घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
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