गुड़गांव, 11 मार्च (आईएएनएस)। बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी ने अपने 50 एकड़ में फैले परिसर में ईको कार्ट सीरीज के तीसरे सीजन का आयोजन किया। इस सीरीज की मेजबानी बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी के ऑटोमोबाइल क्लब ने की।
प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के मुताबिक यह मुकाबला छात्रों को एक पर्यावरण अनुकूल कार्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करता है। इस आयोजन की शुरुआत दिसंबर, 2015 में की गई थी, इसमें पूरे देश की करीब 40 टीमों ने अपने कार्ट की अवधारणा, डिजाइन और पेश करने के लिए हिस्सा लिया। बीएमयू परिसर में आयोजित अंतिम चरण के लिए कार्टों को इंजन टेस्ट, एक्सीलरेशन टेस्ट, ब्रेक टेस्ट जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर रेटिंग दी गई।
इस मुकाबले के बारे में बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी (बीएमयू) के कुलपति प्रोफेसर बी. एस. सत्यनारायण ने कहा, “छात्रों द्वारा एक सवारी के लिए बनाए गए कार्ट सस्ते और पर्यावरण के अनुकूल हैं क्योंकि वे बिजली से चलते हैं। एक बार पूरी तरह चार्ज होने वे तीन वर्षों तक चल सकते हैं और इनकी अधिकतम गति 60 किमी प्रति घंटा है। उनमें गियर्स नहीं हैं और वे चलाने के लिहाज से बहुत ही आसान हैं।”
ईको कार्ट के विभिन्न सीजनों में देशभर की कई टीमों ने हिस्सा लिया जिसमें एनआईटी राउरकेला, एनआईटी सूरतकल, एनआईटी भोपाल, एनआईटी जयपुर, एचबीआईटी कानपुर, वीआईटी, यूपीईएस, आईआईटीएम जैसे शिक्षा जगत के दिग्गज भी शमिल थे। इस मुकाबले का निर्णय डिजाइन, इंजीनियरिंग और मार्केटिंग क्षेत्र के विषेषज्ञों द्वारा लिया जाता है।
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