नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस ‘ के अवसर पर भारतीय महिला बैंक ने ‘महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण’ लक्ष्य के साथ यहां महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस अवसर पर 1000 महिला उद्यमियों को देशभर में व्याप्त बैंक की सभी शाखाओं के माध्यम से विभिन्न आय-सृजन की आर्थिक गतिविधियों हेतु ऋण वितरित किया गया।
इस मौके पर भारतीय महिला बैंक की कार्यपालक निदेशिका एसएम स्वाति ने महिलाओं के आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता पर बल दिया तथा देश के विकास के लिए महिला उद्यमिता के महत्व के साथ ही विभिन्न महिला केन्द्रित उत्पादों जैसे मुद्रा ऋण, एसएमई ऋण सुविधाओं आदि के माध्यम से बीएमबी के योगदान पर उन्होंने प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैंक महिला उद्यमियों एवं महिला ग्राहकों को विशेष छूट प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, “बैंक भारतीय महिलाओं के संपूर्ण पिरामिड पर ध्यान आकर्षित कर रहा है, जिनमें आर्थिक रूप से उपेक्षित, वंचित, भेदभावपूर्ण, बैंकरहित, ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि समावेशी एवं धारणीय संवृद्धि सुनिश्चित की जा सके। समृद्ध अनुभव एवं दक्षता सहित विशेषज्ञों के समूह द्वारा बैंक के नए उत्पाद एवं सेवाएं डिजाइन एवं विकसित की गई है, जो स्वयं सहायता समूह, महिला उद्यमियों, वेतनभोगी महिलाओं एवं कॉपोर्रेट सहित सभी क्षेत्रों की महिलाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।
इस अवसर पर महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु बैंक ने फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन इंटरप्रेनर (एफआईडबल्यूई) एवं ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल (बीडबल्यूएसएससी) के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। बीएमबी जो कि ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है, इन ज्ञापनों से ऋण के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, परामर्श एवं कौशल विकास हेतु प्रोत्साहित करेगा। बैंक ने सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत महिला सेवा संस्थान ‘महिला चेतना केंद्र (पंजीकृत)’ को अपने कुछ फर्नीचर भी दान किए।
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