बेंगलुरू, 10 फरवरी (आईएएनएस)। यहां एक निजी स्कूल के भीतर और आसपास मंगलवार रात एक और तेंदुए को घूमते देखे जाने की बात एक अफवाह थी और उससे जुड़ा डर बेबुनियाद है।
कर्नाटक के मुख्य वन्य जीव वॉर्डन रवि राल्फ ने यहां आईएएनएस को बताया, “हमारे वन कर्मियों को रात भर की तलाशी के बाद भी स्कूल के भीतर या इर्द-गिर्द कोई तेंदुआ नहीं मिला है, हालांकि ऐहतियातन स्कूल को बंद रखा गया है।”
एक और तेंदुआ देखे जाने की अफवाहों के बीच डर फैल गया और विबग्योर इंटरनेशनल स्कूल ने अपने विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक दिन की छुट्टी कर दी।
स्कूल के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “हमने बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला किया।”
रविवार तड़के एक आठ वर्षीय तेंदुआ स्कूल में घुस आया और 12 घंटे के अभियान के बाद उसे पकड़ा गया, जिसमें पांच लोग घायल हो गए थे। इस घटना से बेंगलुरू के लोग डरे हुए थे।
राल्फ ने कहा, “हम गांवों, शहरों में घुस आने वाले तेंदुओं और अन्य जानवरों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक ऑनलाइन मंच लॉन्च कर रहे हैं। ये जानवर चुपके से घुस आते हैं, लेकिन ये बाघों की तरह आदमखोर नहीं होते।”
राल्फ ने कहा, “जंगलों के किनारों पर जल स्रोत सूखते जा रहे हैं, जिसके कारण जंगली जानवरों को शिकार और पानी के लिए भटकना पड़ता है।”
शहर के पूर्वी उपनगर में शिकार और पानी की तलाश में रविवार को तेंदुआ घुस आया था, जिसे 12 घंटों की मशक्कत के बाद नशीली दवा की मदद से पकड़ा गया था।
छुट्टी का दिन होने के कारण स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी उसके हमले से बच गए।
तेंदुए को बन्नरघट्टा राष्ट्रीय वन्यजीव उद्यान में भेज दिया गया।
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