बेघर कुत्तों के लिए दुनिया में क्या हैं नियम और इंतजाम,पढ़िये

नई दिल्ली:अग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका के न्यूयॉर्क में आवारा कुत्तों के लिए ग़ैर लाभकारी संस्था एनिमल केयर सेंटर्स (एसीसी) काम करती है. यह संगठन कुत्तों को शेल्टर्स में ले जाते हैं जहां उनके लिए घर ढूंढा जाता है और उन्हें सड़कों पर वापस नहीं छोड़ा जाता है.

वहीं ब्रिटेन की बात करें तो वहां आवारा कुत्तों के मामले को स्थानीय प्रशासन संभालता है. डॉग्स ट्रस्ट संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक़, ब्रिटेन में 2023-24 के दौरान स्थानीय प्रशासन तक़रीबन 36 हज़ार कुत्तों को संभालता था.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, लंदन में ज़िला प्रशासन आवारा कुत्तों की देखरेख करता है और डॉग वॉर्डन सर्विस मुहैया कराता है. क़ानून के मुताबिक़, आठ हफ़्तों से अधिक उम्र के सभी पालतू कुत्तों के लिए एक माइक्रोचिप होती है, जो उसके मालिक के फ़ोन नंबर से जुड़ी होती है.
स्थानीय प्रशासन को क़ानूनी अधिकार है कि वह आवारा पशुओं के लिए मालिक ढूंढे, अगर न मिले तो उसे कुछ दिनों तक अपने पास रखे और अगर कोई मालिक न मिले तो उन्हें मार दे.

सिंगापुर में भी क़ानूनी निकाय पशु एवं पशु चिकित्सा सेवा (एवीएस) आवारा कुत्तों की देखरेख करती है. इस कार्यक्रम के तहत आवारा कुत्तों को पकड़ा जाता है, उनकी नसबंदी की जाती है, संक्रामक रोगों को लेकर उनका टीकाकरण किया जाता है.

सिंगापुर में आवारा कुत्तों को एक माइक्रोचिप भी लगाई जाती है ताकि उनका पता लगाया जा सके.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, जापान में एक कड़ा पशु कल्याणकारी ढांचा है जिसमें आवार कुत्तों को पकड़कर उन्हें शेल्टर्स में रखा जाता है और उन्हें गोद लिया जा सकता है.
वहीँ, बीमार और ख़तरनाक जानवरों को मारने का अधिकार प्रशासन को दिया गया है.

बीते साल जुलाई में तुर्की की सड़कों और ग्रामीण इलाक़ों से तक़रीबन 40 लाख कुत्तों को हटाने का फ़ैसला लिया गया. इस फ़ैसले की बड़े पैमाने पर निंदा हुई.

प्रदर्शनकारियों को डर था कि कई कुत्तों को मारा जा सकता है. मई में तुर्की की संवैधानिक अदालत ने कहा था कि कुत्तों को हटाने का फ़ैसला जारी रहेगा.

अमेरिका में केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर आवारा पशुओं को क़ानूनी रूप से सुरक्षा हासिल है ताकि पशुओं को उपेक्षा, दुर्व्यवहार और उन्हें आवारा छोड़े जाने से बचाया जा सके.

2023-24 में ब्रिटेन में तक़रीबन 36 हज़ार आवारा कुत्तों को स्थानीय प्रशासन संभालता था.

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