नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। राज्यसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान बेराजगारी के मुद्दे पर सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
सदन में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने कहा कि देश में निराशा का माहौल बन गया है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने कहा कि निराशा कांग्रेस में हो सकती है।
इसके बाद सदन में शोर मचना शुरू हो गया और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
जनता दल युनाइटेड (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा, “बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। सरकार ने हर साल दो करोड़ रोजगार सृजित करने का वादा किया था। आप हर तरह के नारे दे रहे हैं, लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिल रही है।”
माकपा के नेता सीताराम येचुरी ने कहा, “हर साल रोजगार के बाजार में 1.3 करोड़ युवा आते हैं। संगठित क्षेत्र में सात फीसदी से कम नौकरियां हैं, जबकि 93 फीसदी नौकरियां सामयिक हैं।”
कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने कहा, “यह गंभीर मसला है। देश में ऐसी स्थिति है कि युवा वर्ग निराश है। उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है।”
शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। रोजगार घट रहे हैं। केवल ‘स्टार्ट अप इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ की बात करने से कोई मदद नहीं मिलेगी।
इस पर केंद्रीय संसदीय राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “देश में विश्वास और विकास का एक माहौल है। हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।”
नकवी ने कहा, “आनंद शर्मा कहते हैं कि निराशा का माहौल है, अगर कांग्रेसी मित्रों के बीच निराशा है तो हम कुछ नहीं कर सकते हैं।”
कांग्रेस के सदस्यों ने उनकी पार्टी का नाम लेने और उसे निराश कहने को असंसदीय बताया। इस पर नकवी ने कहा कि यह कहना भी समान रूप से असंसदीय है कि देश में निराशा का माहौल है।
सदन के उप सभापति पी.जे. कुरियन ने दोनों पक्षों को आश्वसत किया कि असंसदीय टिप्पणियां हटा दी जाएंगी।
कांग्रेस के सदस्य नारे लगाते हुए सभापति की आसंदी के निकट एकत्रित हो गए। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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