नई दिल्ली, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)। लोकसभा सदस्यों ने चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी को प्रदूषित करने पर चिंता व्यक्त की, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सदन को आश्वस्त किया कि वह इस मामले को सरकार में ‘ऊपरी स्तर’ तक उठाएंगे।
नई दिल्ली, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)। लोकसभा सदस्यों ने चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी को प्रदूषित करने पर चिंता व्यक्त की, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सदन को आश्वस्त किया कि वह इस मामले को सरकार में ‘ऊपरी स्तर’ तक उठाएंगे।
बीजू जनता दल(बीजद) के भर्तृहरी महताब ने शून्य काल में इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा, “चीन से बहने वाली और भारत व बांग्लादेश तक जाने वाली नदी में प्रदूषण बढ़ गया है। इस मुद्दे को अवश्य ही चीन के समक्ष उठाने की जरूरत है।”
मीडिया रपट का हवाला देते हुए, बीजद नेता ने कहा कि नदी में बहने वाले सीमेंट से नदी की सेहत व सिचाईं सुविधाओं पर बेहद बुरा असर पड़ा है।
उन्होंने मुद्दे को उठाते हुए कहा, “सियांग नदी में नेफोलोमेट्रिक टरबिडिटी यूनिट (एनटीयू) का स्तर काफी बढ़ गया है।”
उन्होंने केंद्र से इस मामले को सार्वजनिक करने और चीन सरकार की प्रतिक्रिया को बताने का आग्रह किया।
असम से भाजपा की सांसद बिजॉय चक्रवर्ती ने भी महताब का साथ दिया और उन्होंने कहा कि उद्गम से ही नदी का पानी प्रदूषित हो गया है।
चक्रवर्ती ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को राजनाथ सिह के समक्ष भी उठाया गया था, जिन्होंने इस मुद्दे को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के समक्ष उठाने का वादा किया था।
उन्होंने कहा, “यह काफी गंभीर मुद्दा है। ब्रह्मपुत्र पहले से ही काफी प्रदूषित हो चुकी है..क्योंकि कुछ तत्व चीन की ओर से आ रहे थे। यह उद्गम से ही प्रदूषित है.. नदी तट की देखभाल की जानी चाहिए।”
अनंत कुमार ने भी सदस्यों के साथ इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “यह निश्चित ही मैदान को प्रभावित करेगा, खासकर पूर्वोत्तर व असम के हिस्से में।”
दक्षिणी तिब्बत के यारलुंग सांगपो से बहने वाली सियांग नदी का पानी काला हो गया है। यह नदी असम में आने के बाद ब्रह्मपुत्र नदी कहलाती है।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और असम में उनके समकक्ष सर्बानंद सोनोवाल ने भी यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाया था।
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