नई दिल्ली, 26 सितम्बर (आईएएनएस)। एक नए विकास बैंक (एनडीबी) को चलाने के साथ ब्रिक्स का नेतृत्व एक जोशीला बांड बाजार विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। ब्रिक्स के सदस्य देश आधारभूत संरचना के विकास के लिए इसे अनिवार्य अंग के रूप में देख रहे हैं।
उम्मीद है कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली जब मंगलवार को मुंबई में ‘चैलेंजेज इन डेवलपिंग द बांड मार्केट इन ब्रिक्स’ विषय वाली ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) की विचार गोष्ठी को संबोधित करेंगे तो इस पर प्रकाश डालेंगे।
जेटली ने सोमवार को यहां एक बयान में कहा, “ब्रिक्स देशों की जो सबसे अच्छी कार्य प्रणाली है उसे साझा करने और दुनिया में जो सबसे अच्छी कार्य प्रणालियां हैं, उनका पता लगाने के लिए एक मंच के रूप में इस एक दिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया है। इस बाजार को विकसित करने के लिए उसे अपनाया जा सकता है।”
बयान में कहा गया है कि महत्वपूर्ण एजेंडा यह है कि ब्रिक्स देशों के बीच वित्तीय बाजार को विकसित करने के लिए सहयोग को प्रोत्साहन दिया जाए।
वर्ष 2016 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है।
वैश्विक वित्तीय संकट के बाद घरेलू बांड बाजार को मजबूत बनाने की जरूरत पूरी दुनिया में बढ़ती जा रही है।
एक गहरा और जोशपूर्ण बांड बाजार सरकारों और कॉरपोरेट घरानों को एक वैकल्पिक एवं किफायती कर्ज का स्रोत मुहैया करता है जो आर्थिक विकास एवं स्थायित्व के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
पहले ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक के रूप में जाने जा रहे न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना 15 जुलाई, 2014 को की गई थी।
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