मुंबई, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। सालाना ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन का कुछ ही दिनों बाद गोवा में आयोजन होना है। इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यहां कहा कि सरकार सदस्य देशों के बीच कराधान के स्तर तक सहयोग की संभावना तलाश रही है।
मुंबई, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। सालाना ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन का कुछ ही दिनों बाद गोवा में आयोजन होना है। इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यहां कहा कि सरकार सदस्य देशों के बीच कराधान के स्तर तक सहयोग की संभावना तलाश रही है।
ब्रिक्स को लेकर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा, “हम (ब्रिक्स) एक-दूसरे के अनुभवों से सीख रहे हैं और कराधान के स्तर तक सहयोग की संभावना है।”
उन्होंने कहा, “ब्रिक्स में इसके अलावा रेटिंग एजेंसी और शोध संस्थान को लेकर भी बातचीत हो रही है। साथ व्यापार के माहौल को सुधारने और आकस्मिकता भंडार समझौता पर भी काम चल रहा है।”
जेटली ने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की आबादी के 40 फीसदी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं।
उन्होंने कहा, “न्यू डेवलपमेंट बैंक ब्रिक्स के सहयोग का उदाहरण है। कम समय में ही काफी सारी परियोजनाएं शुरू की गई है।”
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की एफडीआई नीति संभवत: दुनिया की सबसे ज्यादा खुली नीति है और इसका 90 फीसदी स्वचालित रूट से आएगा।
जेटली ने कहा, “कई क्षेत्र में हैं जहां एफडीआई सीमित है या फिर इसकी अनुमति नहीं है। हम अब इन क्षेत्रों को खोलने जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक निवेश की भारत में अभी भी बड़ी भूमिका है।
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