नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय संस्कृति के महत्व एवं इसकी महानता के प्रति युवाओं में जागृति लाने के लिए स्पोकेन इंगलिश एवं व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में देश की अग्रणी संस्थान ब्रिटिश लिंग्वा ने अपने मुख्यालय लक्ष्मी नगर में दिवाली के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया।
संस्थान के सैकड़ों छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में छात्रों ने अपने अंदर की छिपी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और अपने विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों से उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
पूरे दिन चले इस आयोजन में विभिन्न आयु-वर्ग के छात्र-छात्राओं ने नृत्य, संगीत, मिमिक्री, मॉडलिंग आदि कार्यक्रमों के द्वारा न केवल लोगों का मनोरंजन किया बल्कि इसके माध्यम से लोंगों को अपनी प्रतिभा से भी परिचित कराया।
सांस्कृतिक उत्सव का उद्घाटन करते हुए ब्रिटिश िंलंग्वा के संस्थापक डॉ. बीरबल झा ने कहा कि ब्रिटिश लिंग्वा अपने स्थापना काल से ही इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करती रही है, ताकि आज की युवा पीढ़ी शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति के महत्व को भी समझें।
उन्होंने कहा, “हम अंग्रेजी जरूर पढ़ाते हैं, लेकिन अंग्रेजी संस्कृति से बचने की सलाह भी अपने छात्रों को देते हैं।”
दिवाली के महत्व की चर्चा करते हुए डॉ. झा ने कहा, “इसी दिन प्रभु श्रीराम लंका में रावण को पराजित करने के बाद अयोध्या वापस लौटे थे। उन्हीं की याद में हम दीपावली मनाते हैं।”
डॉ. झा ने उपस्थित छात्रों को राष्टं के उत्थान एवं इसकी प्रगति के लिए अपना जीवन समर्पित करने का शपथ दिलाया। उन्होंने कहा कि हमारा देश सोने की चिड़िया इसलिए नहीं था, क्योंकि हमारे पास सोना बहुत अधिक था, बल्कि इस सोने की चिड़िया इसलिए कहा जाता था, क्योंकि हम ज्ञान रूपी धन से विभूषित थे।
इस अवसर पर छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए नुसरत अहमद को मिस्टर ब्रिटिश लिग्वा एवं प्रतिक्षा किसन थापा को मिस ब्रिटिश लिंग्वा दिवा चुना गया और उन्हें सम्मानित किया गया। साथ ही नुसरत अहमद और नृत्यांगना सुमन को विजेता घोषित किया गया।
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