लंदन, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ब्रिटेन के लोगों से आग्रह किया है कि 23 जून को होने वाले जनमत संग्रह में वे यूरोपीय संघ (ईयू) में बने रहने के पक्ष में मतदान करें। उनके इस आग्रह पर ब्रिटेन में बड़ा विवाद पैदा हो गया है।
समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, डेली टेलीग्राफ में शुक्रवार को प्रकाशित एक लेख में ओबामा ने लिखा कि ईयू का सदस्य होने से दुनिया में ब्रिटेन की प्रतिष्ठा बढ़ी है।
ओबामा तीन दिन के दौरे पर ब्रिटेन आए हुए हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी कुछ आर्थिक रियायतों के साथ इस पक्ष में हैं कि ब्रिटेन को ईयू में बने रहना चाहिए। ओबामा की बात से उनके अभियान को संबल मिला है।
लेकिन, ब्रिटेन को ईयू से निकालने के लिए मुहिम चलाने वाले लंदन के महापौर बोरिस जानसन ने ओबामा के लेख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति को ब्रिटेन के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।
इसी तरह इंडीपेंडेंस पार्टी के नेता नाइजेल फाराज ने कहा कि ओबामा को अपने घर में रहना चाहिए। उन्होंने फॉक्स न्यूज से ओबामा के रुख की आलोचना करते हुए इसे ‘डरावनी दखलंदाजी’ करार दिया। उन्होंने कहा, “मैं तो यही कहूंगा कि अगर उन्हें यही सब करना है, तो बेहतर है कि वह वाशिंगटन में ही रहें।”
फाराज ने कहा, “आप यह उम्मीद नहीं कर सकते कि ब्रिटेन का प्रधानमंत्री आपके (अमेरिका के) राष्ट्रपति चुनाव में दखल देगा। कैमरन से आप यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वह आपके (अमेरिका के) किसी एक प्रत्याशी के मुकाबले दूसरे को बेहतर बताते हुए उसके पक्ष में मत देने के लिए कहेंगे। शायद वह (ओबामा) अन्य ऐसे लोगों में से एक हैं जिन्हें पता ही नहीं है कि ईयू है क्या।”
न्यूयार्क में जन्म लेने वाले महापौर जानसन ने ओबामा पर दोमुंहेपन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह कितना विरोधाभासी है। जो अमेरिका अपनी संप्रभुता में बाल बराबर दखलंदाजी भी बर्दाश्त नहीं करता, वही दूसरे देशों को इस बात की नसीहत दे रहा है कि उन्हें एक संघीय कई देशों वाले विशाल राज्य (फेडरल सुपरस्टेट) के जाल में और गहरे फंस जाना चाहिए।”
लेकिन, कैमरन की राय इन सबसे जुदा है। उन्होंने कहा कि दोस्तों की राय का हमेशा स्वागत करना चाहिए। उन्होंने कहा, “दुनिया के हमारे दोस्त क्या कह रहे हैं, उसे सुनने में कोई हर्ज नहीं है।”
ओबामा ने कहा है, “उन्हें (ब्रिटिश लोगों को) इस बात पर गर्व होना चाहिए कि ईयू ने ब्रिटिश मूल्यों और व्यवहार- लोकतंत्र, कानून का राज, मुक्त बाजार-को महाद्वीप में और इसके इर्द-गिर्द और फैलाया है।”
ओबामा ने कहा, “ईयू ने ब्रिटिश असर को कम नहीं किया है, बल्कि इसमें और इजाफा किया है। एक मजबूत यूरोप ब्रिटेन के वैश्विक नेतृत्व के लिए खतरा नहीं है; यह ब्रिटेन के वैश्विक नेतृत्व को और ऊंचाई पर ही ले जा रहा है।”
यूरोपीय संघ में यूरोप के 28 देश हैं। आर्थिक और राजनैतिक मुद्दों पर इसका एक रुख होता है। समस्या तब आती है जब कोई सदस्य राष्ट्र निजी हैसियत से कोई फैसला लेना चाहता है और अन्य सदस्य राष्ट्रों के रुख की वजह से ले नहीं पाता। ईयू की मुद्रा यूरो का राष्ट्रीय मुद्रा के साथ टकराव, सीरिया जैसे देशों के शरणार्थियों के मुद्दे पर यूरोपीय संघ के फैसले को लेकर बेचैनी जैसी बातें ईयू में रहने या न रहने का मुद्दा उठाती रहती हैं। ईयू में रहना है या नहीं, इसी बात को अंतिम रूप से तय करने के लिए ब्रिटेन में 23 जून को जनमत संग्रह होने वाला है।
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