ज्यूरिख, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। फुटबाल की विश्व नियामक संस्था-फीफा के अध्यक्ष सैप ब्लाटर का कहना है कि वह अपने ऊपर लगाए गए आठ साल के प्रतिबंध के खिलाफ खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस)में अपील करेंगे।
ज्यूरिख, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। फुटबाल की विश्व नियामक संस्था-फीफा के अध्यक्ष सैप ब्लाटर का कहना है कि वह अपने ऊपर लगाए गए आठ साल के प्रतिबंध के खिलाफ खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस)में अपील करेंगे।
ब्लाटर ने माइकल प्लाटिनी को 20 लाख डॉलर देने को सम्बंधी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
इससे पहले फीफा की एथिक्स कमिटी ने सैप ब्लाटर और प्लाटिनी के प्रतिबंध को आठ साल के लिए बढ़ा दिया है। दोनों पर फीफा में अवैध लेनदेन का आरोप है।
गार्जियन अखबार ने ब्लाटर के हवाले से लिखा है, “आप मुझे आशावादी कह सकते हैं। हमारा मानना है कि हमने समिति के सामने अपनी बात सही साबित कर दी थी। हमारा मानना है कि हमारी स्थिती साफ है।”
उन्होंने कहा, “हमारा अनुबंध 1998 विश्व कप के बाद मौखिक तौर पर हुआ था। जिस चीज ने मुझे सबसे ज्यादा हैरान किया वह यह है कि वह उस अनुबंध को नकार रहे हैं। दो बैठकों के बाद यह अनुबंध हुआ था जिसके सबूत हमारे पास हैं।”
पैसों के लेनदेन पर बोलते हुए ब्लाटर ने कहा, “प्लाटिनी को जो पैसा दिया गया वह वित्तीय समिति, कार्यकारी समिति के जरिए दिया गया। वह एक भेंट थी। हमने भ्रष्टाचार नहीं किया हमने ऐसा इसलिए किया क्योंकि यह फीफा के प्रावधानों में है।”
अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए उन्होंन कहा, “मैंने कभी भ्रष्टाचार नहीं किया। मैंने यूरोप को वोटों के बदले पैसे नहीं दिए थे। यूरोप के वोट पहले से ही मेरे पक्ष में थे।”
अपने प्रतिबंध पर उन्होंने कहा, “मैं अपने लिए लड़ूंगा। मैंने अपने वकील से बात की है। समिति को फीफा के अध्यक्ष के खिलाफ जाने का कोई अधिकार नहीं है। सिर्फ कांग्रेस के पास ही फीफा के अध्यक्ष को हटाने या प्रतिबंधित करने का अधिकार है। मुझे अफसोस है लेकिन मैं शर्मिदा नहीं हूं।”
वहीं यूरोपियन फुटबाल संघ-यूईएफए ने भी अपने अध्यक्ष प्लाटिनी का बचाव करते हुए कहा है, “यूईएफए फैसले से काफी निराश है। हम अपने अध्यक्ष के साथ खड़े हैं और पूरी कोशिश करेंगे की वह इन सब से जल्द ही बाहर आ जाएं।”
dharmpath.com dharmpath