भागवत ने मोदी को सराहा, आतंकवाद के खात्मे का अनुरोध (लीड-2)

नागपुर, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तारीफों के जमकर पुल बांधे और हमेशा के लिए आतंकवाद का खात्मा करने का आग्रह किया।

भागवत ने यहां रेशमीबाग मैदान में गुरुवार सुबह 90वीं विजयदशमी या दशहरा रैली को संबोधित करते हुए यह कहते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सराहना की कि इसने वैश्विक स्तर पर देश के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा दिया है।

उन्होंने कहा, “ऐसा जान पड़ता है कि विश्व एक नए आधुनिक भारत से अवगत हो रहा है, जो आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास से लबरेज है।”

आरएसएस प्रमुख ने पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में सार्थक कदम उठाने के लिए भी मोदी को श्रेय दिया।

वहीं, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के साथ ही ‘पाकिस्तान की शत्रुता और चीन की कब्जा करने की नीति’ का जिक्र करते हुए देश में मौजूद शत्रुओं के प्रति चेताया।

भागवत ने कहा कि मोदी शासन ने वर्षो से देश में व्याप्त निराशा और अविश्वास के माहौल को दूर किया है और अब देश में आशा व उम्मीदों का माहौल है।

उन्होंने कहा कि लेकिन देश की बढ़ती आबादी चिंता का विषय है और जनसंख्या वृद्धि पर चर्चा कराने का आह्वान किया।

भागवत ने किसी समुदाय का नाम लिए बिना कहा कि पिछली दो जनगणना की रिपोर्टो में ‘जनसंख्या असंतुलन’ की बात सामने आई है, जो हमारे वर्तमान और भविष्य पर असर डालते हैं।

भागवत ने कहा, “हमें जनसंख्या नीति की दिशा में एक समग्र दृष्टिकोण तैयार करने के लिए वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठाने की जरूरत है। एक ऐसी नीति जो सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो। इसे कानून या सरकार द्वारा थोपा नहीं जा सकता, इसके लिए समाज की मानसिकता के साथ सुर-ताल मिलाने के प्रयास करने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए स्वाभाविक प्रवृत्ति, बर्ताव, प्रथागत धार्मिक प्रथाओं और सांस्कृतिक परंपराओं में बदलाव लाने के लिए एक सम्मानजनक बातचीत की जरूरत है।”

भागवत ने कहा कि बदलाव अंदर से आना चाहिए। यह घटिया राजनीति या राजनीतिक लाभ से प्रेरित नहीं होना चाहिए, क्योंकि अंतत: यह देश की सामाजिक एकता और सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकता है।

भागवत ने मोदी सरकार की मुद्रा बैंक, जन धन योजना, स्वेच्छा से रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने की पहल, स्वच्छ भारत पहल और कौशल विकास की नीतियों पर भी टिप्पणी की।

उन्होंने बेहतर समाज के निर्माण में शिक्षा और नैतिक शिक्षा की भूमिका को रेखांकित किया।

आरएसएस के 90वें वर्षगांठ समारोह में मशहूर वैज्ञानिक वी.के. सारस्वत मुख्य अतिथि रहे।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493