भाजपा अंग्रेजों की बांटो और राज करो नीति अपना रही : हार्दिक

अहमदाबाद, 7 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात में पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग की अगुआई कर रहे हार्दिक पटेल का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने राजनैतिक फायदे के लिए हिंदुओं और मुसलमानों के बीच अंग्रेजों की बांटो और राज करो नीति पर अमल करते हुए संघर्ष करा रही है।

अहमदाबाद, 7 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात में पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग की अगुआई कर रहे हार्दिक पटेल का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने राजनैतिक फायदे के लिए हिंदुओं और मुसलमानों के बीच अंग्रेजों की बांटो और राज करो नीति पर अमल करते हुए संघर्ष करा रही है।

जेल में बंद हार्दिक पटेल ने गुरुवार को गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को भेजे पत्र में यह बात लिखी है।

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के 22 वर्षीय नेता ने अपने समुदाय को लिखे एक अन्य पत्र में उनकी रिहाई के लिए किए जा रहे आमरण अनशन को खत्म करने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में हार्दिक ने लिखा है कि उनकी लड़ाई केवल नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की नहीं है। बल्कि, पुरुषों और महिलाओं के बीच और अमीरों और गरीबों के बीच भेदभाव को मिटाना भी है।

देशद्रोह के आरोपी हार्दिक ने कहा कि गुजरात में बीते दो दशकों में भाजपा को आगे बढ़ाने में पटेल समुदाय ने कई बलिदान दिए। लेकिन, आज 2002 के दंगे के बाद समुदाय के कम से कम 80 लोग जेल में हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें हाल में मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल की इस टिप्पणी से हैरानी हुई कि आंदोलन करने वाले पटेल स्वार्थी हैं।

उन्होंने लिखा है, “भाजपा ने पटेलों का पैसा और वोट सत्ता में आने के लिए लिया। सत्ता में आने के बाद इसी पार्टी ने 10 पटेल युवाओं को मार डाला और सैकड़ों को जेल में डाल दिया। इस भ्रम में मत रहिएगा कि आप (आनंदीबेन) लंबे समय तक सत्ता में रहेंगी।”

उन्होंने लिखा है, “भाजपा आज भी हिंदू-मुसलमान के बीच और सवर्ण व अन्य जातियों के बीच के झगड़ों से ऊपर नहीं उठ सकी है। “

पत्र में हार्दिक ने इन बातों को लिखने के साथ ही कहा है कि आरक्षण के लिए आंदोलन में उनसे हो सकता है कि गलती हुई हो और इसके लिए वह (आनंदीबेन) उन्हें माफ कर दें।

उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ एक प्रतिक्रिया था। उन्होंने लिखा, “हजारों लोगों को गुजरात में खाना नहीं मिलता। किसान खुदकुशी पर मजबूर हो रहे हैं। उच्च शिक्षा बेहद महंगी हो गई है। पटेल युवाओं का आंदोलन इन सबके खिलाफ था।”

हार्दिक ने लिखा है कि हालांकि आनंदीबेन खुद पटेल हैं लेकिन उन्होंने पटेल युवाओं के खिलाफ पुलिस को लगा दिया। हार्दिक ने लिखा, “वह (आनंदीबेन) पटेल नहीं हैं।”

इस बीच, आनंदीबेन पटेल ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और पटेल नेताओं के साथ बैठक की है। कोशिश हो रही है कि जेल में बंद पटेल युवकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं।

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