भोपाल, 12 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार की कथित महिला विरोधी और जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्षो को तेज करने का संकल्प लिए जाने के साथ तीन तलाक के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया।
एडवा की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि सम्मेलन में ‘एक बार में और एक तरफा तीन तलाक पर रोक लगाओ’ प्रस्ताव पारित किया, जिसमें तीन तलाक की प्रथा के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं द्वारा की गई पहल का स्वागत किया गया। साथ ही भाजपा द्वारा मुस्लिम महिलाओं पर समान नागरिक संहिता थोपे जाने की साजिश से लोकतांत्रिक ताकतों को आगाह भी किया गया।
संगठन का मानना है कि एकरूपता से समानता नहीं आती, इसलिए समान नागरिक संहिता की आड़ में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन का सख्त विरोध होना चाहिए। बहुसंख्यक समुदाय के प्रतिगामी मूल्यों को थोपकर एकरूपता नहीं लाई जा सकती।
एडवा का अभिमत है कि सभी व्यक्तिगत कानूनों में चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, ईसाई या अन्य किसी समुदाय के हों, सभी में सुधार की जरूरत है, इसलिए प्रतिनिधियों ने सभी महिलाओं के लिए समान अधिकार करने के पक्ष में संघर्ष का समर्थन करते हुए इसे तेज करने का संकल्प लिया।
संगठन ने सभी राज्य इकाइयों से एक तरफ तीन तलाक जैसी प्रथा के खिलाफ चल रहे संघर्षो को मजबूत करने का आह्वान किया।
सम्मेलन में ‘इज्जत के नाम पर हो रहे अपराधों’ के खिलाफ व्यापक कानून बनाने के संबंध में भी प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में एडवा द्वारा इन अपराधों के खिलाफ किए गए संघर्षो के ब्यौरे के साथ इज्जत के नाम पर हो रहे अपराधों के बीच उच्च जातियों, हिंदुत्ववादी संगठनों एवं जाति पंचायतों के संबंधों का खुलासा किया गया। प्रस्ताव में राज्य सरकारों से इस अपराध की शिकार पीड़ितों की मदद एवं उनके लिए संघर्ष का आह्वान किया गया।
एडवा की संरक्षक वृंदा करात ने एक स्मारिका एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाषिणी अली ने डायरी का विमोचन किया।
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