पटना, 24 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि जनसंघ ने आरक्षण का विरोध जताया था। उन्होंने कहा कि भाजपा को जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों से कोई लेना-देना नहीं है।
पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने नोटबंदी के समर्थन करने की चर्चा करते हुए केंद्र सरकार से हिसाब भी मांगा।
उन्होंने कहा, “हमने नोटबंदी का समर्थन किया। इरादा नेक लगा, इसलिए किया। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए यह अच्छा कदम है। नोटबंदी को हमलोग बहुत ही बड़ा कदम मानते हैं। इतने दिन गुजर गए, 50 दिन मांगा था, 77 दिन हो गए। हम आग्रह करेंगे कि इसके क्या-क्या अच्छे परिणाम आए हैं वे बताएं।”
नीतीश ने जननायक को याद करते हुए कहा कि बिहार में पिछड़ों को आरक्षण कर्पूरी ठाकुर की ही देन है।
उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, “कर्पूरी के विचारों से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन आज जब वे कर्पूरी जी की जयंती मानते हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। देर से ही सही, उन्होंने भी कर्पूरी के विचारों के सामने समर्पण कर दिया है।”
नीतीश ने कहा कि जब कर्पूरी ठाकुर ने आरक्षण के लिए अभियान चलाया था, तब जनसंघ ने विरोध किया था।
बिहार में शराबबंदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इससे बचाने की कोशिश की गई है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंेने कहा, “हम पर क्या-क्या आरोप नहीं लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शराबबंदी की प्रशंसा करने की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े नेता समर्थन कर चले गए, लेकिन छोटे नेता विरोध कर रहे हैं।”
इस मौके पर जद (यू) के राज्यसभा सांसद शरद यादव, पार्टी के प्रदेश वशिष्ठ नारायण सिंह, विधायक श्याम रजक समेत कई नेता मौजूद थे।
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