अहमदाबाद, 29 दिसम्बर (आईएएनएस)। भरुच में एक विशेष अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं की हत्या के तीन आरोपियों को पहली जनवरी तक के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया।
एजेंसी ने आरोपियों मोहम्मद अलताफ, मोहसिन खान और निसार अहमद के लिए अतिरिक्त 10 दिनों की हिरासत मांगी थी। लेकिन, न्यायाधीश पी.बी.देसाई ने पहली जनवरी तक के लिए हिरासत बढ़ाई।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि एनआईए उस बाइक की तलाश करना चाहती है, जिसका इस्तेमाल अपराध में किया गया था। साथ ही अलताफ की भूमिका की जांच करना चाहती है, जिसे वारदात का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। अलताफ की हिरासत मामले की साजिश के वृहत्तर पहलुओं और उसके अंतर्राष्ट्रीयसंपर्को के लिए जरूरी है।
बचाव पक्ष के वकील ने इस अर्जी का गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देकर विरोध किया। वकील ने कहा कि अधिनियम के तहत हिरासत तभी दी जा सकती है, जब आरोपियों को गिरफ्तारी के 30 दिनों के अंदर पेश किया जाए। लेकिन, इस मामले में 30 दिन गुजर चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी नवंबर के शुरू में हुई थी।
अदालत ने 22 दिसंबर को मामले के चार अन्य आरोपियों इनायत हाजी पटेल, मोहम्मद यूनुस शेख, अब्दुल समद और आबिद पटेल को 29 दिसंबर तक के लिए एनआईए की हिरासत में भेजा था।
भाजपा की भरुच जिला इकाई के पूर्व अध्यक्ष और आरएसएस सदस्य शिरीश बंगाली और भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महासचिव प्रग्नेश मिस्त्री की भरुच में 2 नवंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मामले की शुरुआती जांच पुलिस और गुजरात के आतंकवाद रोधी दस्ते ने की थी।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, भगोड़े गैंगस्टर जावेद चिकना को 1993 के मुंबई दंगों और 2002 के गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए हत्याओं की जिम्मेदारी मिली थी।
मामले को बाद में राज्य सरकार के अनुरोध पर एनआईए को सौंप दिया गया।
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