कोलकाता, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने कार्यकर्ताओं की ओर से शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में बुलाई गई भूख हड़ताल वापस ले ली है। यह भूख हड़ताल तृणमूल कांग्रेस के ‘कुशासन’ के खिलाफ एक वृहद विरोध कार्यक्रम का हिस्सा थी।
पश्चिम बंगाल में भाजपा मामलों के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “मेरी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से बात हुई थी। उन्होंने हमें अनशन वापस लेने की सलाह दी, लेकिन आंदोलन जारी रखने के लिए कहा है। इस सरकार के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
केंद्रीय नेता विजयवर्गीय, सिद्धार्थ नाथ सिंह और सुरेश पुजारी के नेतृत्व में कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को उत्तरी 24 परगना और नदिया जिलों में ‘जेल भरो’ आंदोलन शुरू किया। इस दौरान पुलिस ने उन पर कथित तौर पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए थे।
पुलिस ने इसके बाद नदिया जिले से पांच भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था। भाजपा ने गिरफ्तारी को गलत बताया।
विजयवर्गीय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार रात अनशन शुरू किया।
विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी की सरकार पर कुशासन, खराब कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पूरे राज्य में जेल भरो आंदोलन जारी रखेगी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष घोष ने कहा, “हमने मांग की थी कि या तो गिरफ्तार किए गए हमारे पांचों लोगों को बिना किसी शर्त रिहाई किया जाए या फिर हम सभी को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस मामले को अदालत तक ले गई। हम भी अदालत में लड़ाई लड़ेंगे।”
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