भाजपा में अनजान बने मुरली मनोहर जोशी! (संशोधित)

इलाहाबाद, 12 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कभी यह कहा जाता था, ‘भारत मां की तीन धरोहर, अटल, आडवाणी, मुरली मनोहर।’ जी हां, भाजपा को खड़ा करने में अपना पूरा जीवन खपा देने वाले पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और इलाहाबाद से कई बार सांसद रहे डॉ. मुरली मनोहर जोशी आज अपने घर इलाहाबाद में ही पार्टी की उपेक्षा के शिकार हो गए हैं। हाल यह है कि न तो उन्हें पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है और न ही पार्टी के पोस्टरों में ही कहीं उनकी तस्वीर दिख रही है।

इलाहाबाद, 12 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कभी यह कहा जाता था, ‘भारत मां की तीन धरोहर, अटल, आडवाणी, मुरली मनोहर।’ जी हां, भाजपा को खड़ा करने में अपना पूरा जीवन खपा देने वाले पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और इलाहाबाद से कई बार सांसद रहे डॉ. मुरली मनोहर जोशी आज अपने घर इलाहाबाद में ही पार्टी की उपेक्षा के शिकार हो गए हैं। हाल यह है कि न तो उन्हें पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है और न ही पार्टी के पोस्टरों में ही कहीं उनकी तस्वीर दिख रही है।

इलाहाबाद में शनिवार से शुरू राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बैठक स्थल के.पी. मैदान में लगाए गए पोस्टरों में पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वयोवृद्ध नेता अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उप प्रधानमंत्री व पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तस्वीरें तो दिख रही हैं, लेकिन जोशी की तस्वीर नदारद है।

भाजपा सूत्र बताते हैं कि वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी दो दिनों से शहर में मौजूद हैं। बावजूद इसके उन्हें कोई तवज्जो नहीं दी गई है। हालांकि कार्यकर्ताओं की ओर से विरोधस्वरूप कुछ पोस्टर जरूर लगाए गए हैं जिनमें जोशी को कार्यकारिणी में तवज्जो नहीं दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की गई है।

मुरली मनोहर जोशी के एक करीबी नेता ने आईएएनएस से कहा, “यह जोशी जी का अपमान नहीं तो और क्या है? जानबूझकर उनका कद छोटा किया जा रहा है। उन्हें ऐसी सजा क्यों दी जा रही है?”

उन्होंने कहा कि भाजपा में अब बाहरी नेताओं की पूछ ज्यादा हो रही है। नेतृत्व भाजपा को कांग्रेसमुक्त नहीं कांग्रेसयुक्त करने पर तुला हुआ है और अपने वरिष्ठ नेताओं से दूरी बना रहा है।

प्रयाग नगरी मुरली मनोहर जोशी की कर्मभूमि रही है। यहां से उनका भावनात्मक संबंध है, लेकिन भाजपा ने उन्हें उनके घर में ही हाशिए पर लाकर खड़ा कर दिया है।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि इलाहाबाद की राजनीति पर अब भाजपाइयों की जगह बाहरी नेताओं का कब्जा हो गया है। लोकसभा चुनाव के दौरान बाहर से आए नेता श्यामाचरण गुप्ता को यहां से टिकट दे दिया गया। यह सब अंदरूनी राजनीति का ही परिणाम है।

सूत्रों ने बताया, “मुरली मनोहर जोशी तीन बार इलाहाबाद से सांसद रहे। फिर उन्होंने बनारस का रुख किया। वहां से एक बार सांसद रहने के बाद उन्हें वहां से स्थानान्तरित किया गया। वर्तमान में वह कानपुर से सांसद हैं, फिर भी इलाहाबाद में उनका रुतबा बरकरार है। लेकिन पार्टी के भीतर कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश करने में जुटे हुए हैं।”

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